अमेरिका के परमाणु हमले के खतरे के बीच ईरान ने जारी की वीडियो एडवाइजरी, जानें मुख्य अपडेट

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अमेरिका के परमाणु हमले के खतरे के बीच ईरान ने जारी की वीडियो एडवाइजरी, जानें मुख्य अपडेट
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खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर से बड़े युद्ध की आहट साफ तौर पर सुनाई दे रही है और इस बार खतरा सीधे तौर पर परमाणु हमले का है। अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित न्यूक्लियर अटैक किए जाने की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। इसी गंभीर खतरे को भांपते हुए ईरान ने नागरिकों के लिए परमाणु हमले से बचने के पुख्ता तरीकों पर आधारित एक वीडियो एडवाइजरी जारी की है और ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए द्वारा जारी किए गए इस आठ मिनट के वीडियो में परमाणु विस्फोट के बाद सुरक्षित आश्रय लेने, रेडियोधर्मी संदूषण से बचने और फॉलआउट यानी विस्फोट के बाद हवा में गिरने वाले खतरनाक रेडियोधर्मी कणों से सुरक्षा के पुख्ता निर्देश दिए गए हैं।

ईरान द्वारा जारी की गई विस्तृत गाइडलाइंस

जारी किए गए इन महत्वपूर्ण निर्देशों के तहत देश के आम नागरिकों को कड़ी सलाह दी गई है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बेसमेंट यानी तहखाने में शरण लें, खिड़कियों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और ऐसे तमाम एयर कंडीशनर तथा वेंटिलेशन सिस्टम तुरंत बंद कर दें जो बाहर की दूषित हवा को अंदर खींचने का काम करते हैं और इसके साथ ही इस बात की भी पूरी जानकारी दी गई है कि यदि कोई नागरिक अचानक खुले आसमान के नीचे फंस जाए, तो उसे अपनी जान बचाने के लिए किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

ईरान की ओर से जारी इस एडवाइजरी में परमाणु विस्फोट के चार सबसे बड़े और मुख्य खतरों के बारे में विस्तार से बताया गया है और इन खतरों में तेज रोशनी, विनाशकारी विस्फोट की लहरें, अत्यधिक गर्मी और सबसे घातक रेडियोधर्मी पदार्थों का खतरनाक रिसाव शामिल है। इस्फ़हान रेड क्रिसेंट सोसाइटी में शिक्षा और अनुसंधान के उप-निदेशक इब्राहिम अदेलज़ादेह ने देश के आम लोगों को सलाह दी है कि वे हर हाल में मजबूत इमारतों के भीतर शरण लें और खिड़कियों से बहुत दूर रहें।

अदेलज़ादेह ने सरकारी प्रसारक आईआरएनए से बातचीत के दौरान बताया कि यदि सुरक्षित तरीके से वहां पहुंचा जा सके, तो इमारत का बेसमेंट या फिर बीच का कोई ऐसा कमरा जो खिड़कियों से पूरी तरह सुरक्षित दूरी पर हो, शरण लेने के लिए सबसे उपयुक्त जगह साबित हो सकता है। लोगों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने घरों के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद कर लें।

पड़ोसी देशों मिस्र और सऊदी अरब का रुख

केवल ईरान ही नहीं बल्कि मिस्र और सऊदी अरब के प्रमुख मीडिया आउटलेट्स ने भी इन सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देशों के बारे में अपने नागरिकों को जानकारी दी है और इन देशों के माध्यम से ईरान के नागरिकों को यह खास सलाह दी गई है कि वे किसी भी संभावित हमले के बाद कम से कम चौबीस घंटे तक अपनी सुरक्षित जगहों से बाहर बिल्कुल न निकलें। इस दौरान केवल पैकेटबंद भोजन और पूरी तरह सुरक्षित बोतलबंद पानी का ही इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है और साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति वाहनों के अंदर शरण लेने की भूल न करे।

मिस्र के प्रसिद्ध मीडिया आउटलेट वीटो ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि इन सुरक्षा निर्देशों में कम से कम चौबीस घंटे तक सुरक्षित शेल्टर के अंदर ही रहने की पूरी तैयारी करना शामिल है। इसके अलावा रियाद में स्थित सऊदी न्यूज़ 50 ने और भी अधिक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए लोगों को आगाह किया है कि वे यह बिल्कुल भी न मान लें कि चौबीस घंटे का समय बीत जाने के बाद उनके आसपास का पूरा माहौल पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।

खुले आसमान के नीचे होने पर क्या करें

ईरानी आपातकालीन अधिकारियों ने नागरिकों को यह कड़ी चेतावनी दी है कि वे परमाणु विस्फोट के समय उत्पन्न होने वाली बेहद तेज चमक को अपनी खुली आंखों से बिल्कुल न देखें। जो लोग उस वक्त बाहर मौजूद हैं और तुरंत किसी मजबूत इमारत के भीतर नहीं जा सकते हैं, उन्हें जमीन से बिल्कुल सटकर लेटने, किसी ठोस आड़ के पीछे छिपने तथा अपने सिर और चेहरे को पूरी तरह सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों को यह भी समझाया गया है कि जैसे ही शुरुआती विस्फोट की भयानक लहर गुजर जाए, वे बिना एक पल गंवाए तुरंत किसी नजदीकी मजबूत इमारत के अंदर चले जाएं। मिस्र के मीडिया आउटलेट सदा अल-बलद की रिपोर्ट के अनुसार नागरिकों को यह भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बाहर रुककर इस भयानक विस्फोट को देखने की गलती न करें, इसकी तस्वीरें अपने मोबाइल में न लें और अपनी कारों या अन्य वाहनों को सुरक्षित ठिकाना बिल्कुल न समझें। सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट में यह भी जोड़ा गया है कि यदि किसी इमारत में अचानक आग लग जाए या उसके ढहने का खतरा पैदा हो जाए, तो वहां से तुरंत हटकर किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए।

संभावित अमेरिकी हमले की अटकलें

इस्फ़हान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं द्वारा जारी किया गया यह महत्वपूर्ण वीडियो ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब ईरान के पिकएक्स माउंटेन पर एक संभावित अमेरिकी हमले को लेकर चारों तरफ अटकलों का बाजार गर्म है। नतान्ज़ के बेहद करीब स्थित यह खास जगह जमीन के काफी नीचे बनी हुई एक अत्यंत संवेदनशील परमाणु-संबंधी साइट है। पिछले महीने सोलह अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद यह कहा था कि वाशिंगटन इस पहाड़ को अपना निशाना बना सकता है, हालांकि उन्होंने उस समय परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को सीधे तौर पर खारिज कर दिया था।

इसके अलावा हाल ही में अमेरिकी पत्रकार और टिप्पणीकार टकर कार्लसन ने भी यह गंभीर आरोप लगाया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर लगातार यह कड़ा दबाव बना रहे हैं कि वे कुछ ही दिनों के भीतर पिकएक्स माउंटेन पर एक भीषण परमाणु हमला कर दें।

विस्फोट वाली जगह से दूर तक फैल सकता है रेडिएशन

ईरान की तरफ से जारी की गई चेतावनियों में सबसे ज्यादा डराने वाली चेतावनी हवा में लगातार फैलने वाले रेडियोधर्मी कणों को लेकर है। इस्फ़हान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अधिकारी अदेलज़ादेह ने गंभीर आगाह करते हुए कहा कि ये खतरनाक रेडियोधर्मी पदार्थ हवा के तेज झोंकों के जरिए बहुत दूर तक सफर कर सकते हैं और विस्फोट वाली जगह से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं।

उन्होंने आईआरएनए को जानकारी देते हुए बताया कि विस्फोट वाली जगह से काफी अधिक दूरी पर रहने वाले लोगों को भी इन आधिकारिक चेतावनियों को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। उन्हें जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों द्वारा दी गई सटीक जानकारी के आधार पर अपने घरों और कार्यस्थलों की सुरक्षा को लेकर कड़े फैसले लेने चाहिए। यदि हवा इन खतरनाक रेडियोधर्मी कणों को पूर्व दिशा की ओर बहाकर ले जाती है, तो ये जहरीले कण पड़ोसी देश पाकिस्तान और यहां तक कि भारत के कुछ हिस्सों तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं।

सफाई और दवाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश

जिन भी लोगों के रेडियोधर्मी धूल के सीधे संपर्क में आने की आशंका जताई गई है, उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने बाहरी कपड़ों को बेहद सावधानी के साथ उतारें, उन्हें पूरी तरह सीलबंद थैलियों के अंदर सुरक्षित रखें और अपने शरीर की त्वचा तथा बालों को गुनगुने पानी और साबुन के साथ अच्छी तरह धोकर साफ करें। सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट में लोगों को यह खास सलाह भी दी गई है कि वे नहाते समय बिना कंडीशनर वाले सामान्य शैम्पू का ही इस्तेमाल करें।

यदि किसी वजह से नहाना पूरी तरह संभव न हो पाए, तो अपनी संवेदनशील त्वचा को गीले वाइप्स की मदद से अच्छी तरह साफ कर लें और खाने-पीने के लिए केवल पैकेटबंद भोजन तथा बोतलबंद पानी का ही उपयोग करें। ईरान ने इस संवेदनशील मामले में खुद से दवा लेने यानी सेल्फ-मेडिकेशन के खिलाफ बहुत कड़ी चेतावनी जारी की है। वीडियो के माध्यम से रेडिएशन से जुड़ी कुछ विशेष आपातकालीन स्थितियों में काम आने वाली जीवनरक्षक दवाओं पर भी खुलकर चर्चा की गई है।

इस्फ़हान की प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी सर्विस के प्रवक्ता अब्बास आबेदी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी नागरिक को बिना किसी डॉक्टरी सलाह के कभी भी आयोडीन की गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने आईआरएनए को यह भी बताया कि कुछ चुनिंदा और खास स्थितियों में स्टेबल आयोडीन नामक दवा थायरॉयड ग्रंथि द्वारा रेडियोधर्मी आयोडीन के खतरनाक अवशोषण को कम करने में मददगार साबित हो सकती है, लेकिन यह अन्य किसी भी प्रकार के रेडियोधर्मी पदार्थों या विस्फोट से निकलने वाले कुल रेडिएशन से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती है। इसके अलावा वीडियो में प्रियन ब्लू नामक विशेष दवा का भी जिक्र किया गया है, जिसका उपयोग उन मामलों में किया जाता है जब किसी इंसान के शरीर के अंदर खतरनाक रेडियोधर्मी सीज़ियम-137 पहुंच चुका हो।

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