ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने का इरादा नहीं रखता है, लेकिन वह यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अपने अधिकार को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा और राष्ट्रपति का यह बयान तेहरान और वॉशिंगटन के बीच इस रविवार को स्विट्जरलैंड में शुरू होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत से ठीक पहले आया है। पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि परमाणु संवर्धन का अधिकार ईरान का संप्रभु अधिकार है और दूसरी शक्तियों को इसे स्वीकार करना ही होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते की शर्तें पूरी तरह से ईरान के पक्ष में हैं।
शांति वार्ता और मुख्य एजेंडा
आधिकारिक प्रेसिडेंसी वेबसाइट के माध्यम से जारी जानकारी के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु बम न बनाए, जो कि कोई नई बात नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान लिखित रूप में भी यह पुष्टि करने के लिए तैयार है कि उसका परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि संवर्धन के अधिकार पर कोई समझौता नहीं होगा और दूसरी पार्टी के पास इस अधिकार को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। स्विट्जरलैंड में होने वाली इस वार्ता में लेबनान की वर्तमान स्थिति, जहां इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष चल रहा है, चर्चा का मुख्य विषय होगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने पुष्टि की है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत रविवार को होने वाली बातचीत में लेबनान का मुद्दा सबसे ऊपर रहेगा। IRNA न्यूज एजेंसी द्वारा जारी एक वीडियो क्लिप के अनुसार, बघाई ने कहा कि जायोनी शासन लेबनान में अपने वादे तोड़ रहा है और आज की बातचीत में यह मामला मुख्य विषय होगा। इसके अलावा, ईरान के फ्रीज या प्रतिबंधित एसेट्स को उपलब्ध कराने का मुद्दा भी एजेंडे में शामिल है, जिसमें ईरानी तेल की बिक्री के लिए जरूरी लाइसेंस जारी करने पर भी चर्चा की जाएगी।
6 अरब डॉलर की रिहाई और कतर की भूमिका
आर्थिक मोर्चे पर, तेहरान का कहना है कि 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड जल्द ही जारी होने वाले हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि मेमोरेंडम की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं और कतर में रखे गए ईरान के 6 अरब डॉलर के फंड को वापस कर दिया जाएगा ताकि लड़ाई को खत्म किया जा सके। उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस बातचीत से नाखुश होने वाले पहले व्यक्ति होंगे। पेजेशकियन ने यह भी दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार उन अधिकारों को मान्यता दे दी है, जिन पर वॉशिंगटन पहले रोक लगाने की कोशिश कर रहा था।
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने पेजेशकियन के हवाले से बताया कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के सभी नियम ईरान के पक्ष में हैं और इन वार्ताओं की कामयाबी जल्द ही सबके सामने होगी। राष्ट्रपति ने दोहराया कि कतर में मौजूद 6 अरब डॉलर की राशि तेहरान को वापस मिलना इस समझौते की एक बड़ी सफलता होगी। यह फंड ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और परमाणु निगरानी
इस बीच, कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में पाकिस्तानी मध्यस्थों से मुलाकात की और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर के साथ चर्चा करते देखा गया। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने भी स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस से मुलाकात कर ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की।
ग्रॉसी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर कूटनीति को सफल होने का हर मौका देना जरूरी है और इस महीने की शुरुआत में, IAEA के गवर्निंग बोर्ड ने अमेरिका समर्थित एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें ईरान से अपने संवर्धित यूरेनियम स्टॉक के बारे में पूरी जानकारी देने और निरीक्षकों को सत्यापन की अनुमति देने को कहा गया था। एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जून में जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, तब उसके पास लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम था, जो 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित था। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक शुद्धता के काफी करीब माना जाता है।