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ईरान परमाणु कार्यक्रम: IAEA को निरीक्षण में बाधा, यूरेनियम संवर्धन पर अनिश्चितता

ईरान परमाणु कार्यक्रम: IAEA को निरीक्षण में बाधा, यूरेनियम संवर्धन पर अनिश्चितता
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संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने अपनी नवीनतम गोपनीय रिपोर्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एजेंसी ने सदस्य देशों को सूचित किया है कि वह वर्तमान में यह सत्यापित करने की स्थिति में नहीं है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दिया है या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में हुए 12 दिवसीय सैन्य संघर्ष के बाद से ईरान ने कई प्रमुख परमाणु ठिकानों तक IAEA निरीक्षकों की पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है। इन प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों के लिए संवर्धित यूरेनियम के वास्तविक भंडार और उसकी शुद्धता का सटीक आकलन करना असंभव हो गया है।

यूरेनियम संवर्धन और भंडार की वर्तमान स्थिति

9kg संवर्धित यूरेनियम होने का अनुमान है। तकनीकी रूप से, 60% संवर्धित यूरेनियम को हथियार-ग्रेड यानी 90% शुद्धता तक ले जाना एक बहुत ही छोटा और त्वरित कदम माना जाता है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ईरान की चार घोषित संवर्धन साइटों तक पूर्ण पहुंच न होने के कारण, वह इस भंडार के स्थान, उसकी वर्तमान मात्रा और शुद्धता के स्तर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण में यह बाधा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की श्रेणी में आती है, क्योंकि इतने उच्च स्तर के संवर्धन की निगरानी मासिक आधार पर की जानी अनिवार्य है।

परमाणु हथियार निर्माण की सैद्धांतिक क्षमता

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने हालिया बयानों में संकेत दिया है कि ईरान के पास मौजूद यूरेनियम का वर्तमान भंडार सैद्धांतिक रूप से 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है। हालांकि, ग्रॉसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भंडार होने का अर्थ यह नहीं है कि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं। एजेंसी का मुख्य सरोकार 'ज्ञान की निरंतरता' (Continuity of Knowledge) के टूटने को लेकर है। जब निरीक्षकों को साइटों पर जाने से रोका जाता है, तो कैमरा फुटेज और डेटा लॉग में अंतराल आ जाता है, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि क्या कोई सामग्री गुप्त रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित की गई है।

सैटेलाइट तस्वीरों में संदिग्ध गतिविधियां

निरीक्षण में बाधा के बीच, IAEA ने सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलिटी में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की है। तेहरान से लगभग 350km दक्षिण-पूर्व में स्थित इस संयंत्र के सुरंग प्रवेश द्वारों के पास वाहनों की नियमित आवाजाही देखी गई है। इस्फहान वह स्थान है जहां यूरेनियम गैस तैयार की जाती है, जिसे बाद में सेंट्रीफ्यूज के माध्यम से शुद्ध किया जाता है। जून 2025 के युद्ध के दौरान, इजराइल और अमेरिका द्वारा इस क्षेत्र में मिसाइल हमले किए गए थे, जिससे कुछ संरचनाओं को नुकसान पहुंचा था। एजेंसी का मानना है कि इन सुरंगों के भीतर चल रही गतिविधियां संवर्धन प्रक्रिया के पुनर्निर्माण या विस्तार से संबंधित हो सकती हैं।

नतांज और फोर्दो संयंत्रों पर निगरानी का अभाव

ईरान के सबसे महत्वपूर्ण संवर्धन केंद्रों, नतांज और फोर्दो में भी इसी तरह की अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, जून के हमलों के बाद ईरान ने केवल उन ठिकानों पर निरीक्षकों को जाने की अनुमति दी है जो संघर्ष से अप्रभावित रहे थे। हालांकि, करुण परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे निर्माणाधीन स्थलों पर पहुंच अभी भी बाधित है। यद्यपि करुण संयंत्र में वर्तमान में परमाणु सामग्री मौजूद नहीं है, लेकिन IAEA का तर्क है कि प्रारंभिक चरण से ही निगरानी आवश्यक है ताकि भविष्य की गतिविधियों में पारदर्शिता बनी रहे। एजेंसी ने सदस्य देशों को चेतावनी दी है कि बिना प्रत्यक्ष निरीक्षण के, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की शांतिपूर्ण प्रकृति की गारंटी देना संभव नहीं है।

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