विज्ञापन

ईरान: ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाला कुर्द्स कमांडर मारा गया

ईरान: ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाला कुर्द्स कमांडर मारा गया
विज्ञापन

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक वरिष्ठ कमांडर, जो कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश में शामिल था, एक सैन्य हमले में मारा गया है। हेगसेथ के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय हुई जब संबंधित कमांडर ट्रंप के खिलाफ घातक हमले की योजना को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहा था। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रशासन अपने नेतृत्व की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को समय रहते समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हमले का विवरण और आधिकारिक पुष्टि

ईरानी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की कुर्द्स इकाई के वरिष्ठ कमांडर दाऊद अली जादेह की मंगलवार, 3 मार्च को हत्या कर दी गई। ईरान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्वीकार किया है कि कुर्द्स फोर्स के अंतरिम प्रमुख जादेह एक हमले का शिकार हुए हैं और रिपोर्टों के मुताबिक, यह हमला इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) द्वारा तेहरान में एक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई स्ट्राइक का परिणाम था। जादेह लंबे समय से तेहरान में रहकर ईरान की सीमाओं से बाहर सैन्य ऑपरेशनों और हमलों की रूपरेखा तैयार कर रहे थे।

दाऊद अली जादेह और कुर्द्स फोर्स की भूमिका

दाऊद अली जादेह कुर्द्स फोर्स के भीतर एक अत्यंत प्रभावशाली व्यक्ति थे। उन्हें लेबनान में मारे गए पूर्व कमांडर हसन महदावी के स्थान पर कुर्द्स फोर्स का अंतरिम प्रभार सौंपा गया था। कुर्द्स फोर्स, IRGC की एक विशिष्ट शाखा है जिसका प्राथमिक कार्य ईरान के बाहर विदेशी ऑपरेशनों को अंजाम देना और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क को मजबूत करना है। जादेह का मुख्य उत्तरदायित्व विभिन्न सशस्त्र समूहों को हथियार मुहैया कराना और उन्हें रणनीतिक प्रशिक्षण देना था। मध्य पूर्व में हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे संगठनों के परिचालन ढांचे को तैयार करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती थी।

डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश का संदर्भ

अमेरिकी न्याय विभाग और खुफिया एजेंसियों ने पहले भी ईरान द्वारा डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिशों के बारे में जानकारी साझा की थी। साल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप पर पेन्सिलवेनिया में एक हमला हुआ था, जिसमें वे बाल-बाल बचे थे। ट्रंप ने स्वयं कई बार सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि ईरान की ओर से उन्हें जान से मारने के कम से कम दो प्रयास किए जा चुके हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने जादेह की मौत को इन साजिशों के अंत के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के साथ समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

कासिम सुलेमानी की मौत और प्रतिशोध की पृष्ठभूमि

ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव साल 2020 से और अधिक गहरा गया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर बगदाद में एक ड्रोन हमले में कुर्द्स फोर्स के तत्कालीन प्रमुख कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी गई थी। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, IRGC के अधिकारी सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए लगातार ट्रंप और उनके करीबी सहयोगियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। दाऊद अली जादेह इसी प्रतिशोध की रणनीति का हिस्सा माने जाते थे, जो सुलेमानी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए पश्चिमी हितों के खिलाफ सक्रिय थे।

क्षेत्रीय सुरक्षा और कुर्द्स फोर्स का भविष्य

कुर्द्स फोर्स सीधे तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) के कार्यालय के अधीन कार्य करती है। जादेह की हत्या को ईरान के बाहरी सैन्य अभियानों के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। कुर्द्स फोर्स के कमांडर न केवल सैन्य रणनीतिकार होते हैं, बल्कि वे ईरान के कूटनीतिक और वैचारिक प्रभाव को फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तेहरान में हुई इस स्ट्राइक ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा और उसके शीर्ष सैन्य नेतृत्व की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में, ईरान ने जादेह के उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है, लेकिन क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

विज्ञापन