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दुनिया में जोकरों की कमी नहीं... ईरान ने जेलेंस्की को दिया करारा जवाब

दुनिया में जोकरों की कमी नहीं... ईरान ने जेलेंस्की को दिया करारा जवाब
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दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के मंच से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ईरान के खिलाफ जो मोर्चा खोला, उसका जवाब ईरान ने बेहद तल्ख अंदाज में दिया है। जेलेंस्की ने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां के शासन पर सवाल। उठाते हुए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को सत्ता से हटाने की अपील की थी। इस बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर जेलेंस्की को 'जोकर' करार देते हुए उनकी जमकर क्लास लगा दी।

जेलेंस्की का ईरान पर तीखा हमला

जेलेंस्की ने दावोस में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान में हो रहे खून-खराबे पर दुनिया खामोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब खामेनेई हजारों लोगों की जान ले रहे थे, तब यूरोप और अमेरिका केवल तमाशा देख रहे थे और जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि अगर ईरान का यह शासन बचा रहता है, तो यह दुनिया के हर तानाशाह को एक संदेश देगा कि वे अपने लोगों को मारकर भी सत्ता में बने रह सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के खिलाफ ठोस कदम उठाने की अपील की।

ईरान का पलटवार: 'जोकरों से तंग आ चुकी है दुनिया'

जेलेंस्की के इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया अब ऐसे जोकरों से तंग आ चुकी है जो खुद विदेशी मदद पर टिके हैं और अराघची ने जेलेंस्की पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ आप संयुक्त राष्ट्र (UN) की दुहाई देकर मदद मांगते हैं और दूसरी तरफ खुद UN चार्टर का उल्लंघन कर ईरान पर हमले का समर्थन करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ईरान की रक्षा के लिए उसकी अपनी सेना है, वह यूक्रेन की तरह विदेशी मदद और 'भाड़े के टट्टुओं' पर निर्भर नहीं है।

ट्रंप की चेतावनी और बढ़ता तनाव

इस जुबानी जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है और दावोस से लौटते समय ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर बहुत करीब से नजर रख रहा है। ट्रंप ने कहा कि एक बड़ा अमेरिकी सैन्य बेड़ा (Armada) ईरान की ओर बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। इस सैन्य जमावड़े ने मिडिल ईस्ट में तनाव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

यूरोप की चुप्पी पर जेलेंस्की के सवाल

जेलेंस्की ने अपने संबोधन में विशेष रूप से यूरोप को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान के मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया देने की कोशिश नहीं की। जेलेंस्की के अनुसार, दुनिया इस इंतजार में बैठी है कि अमेरिका। क्या करेगा, जबकि ईरानी जनता लोकतंत्र के लिए संघर्ष कर रही है। अब देखना यह होगा कि ईरान और यूक्रेन के बीच शुरू। हुआ यह नया विवाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में क्या मोड़ लेता है।

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