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मुज्तबा खामेनेई की दोटूक चेतावनी: 'हम जीत गए, दुश्मनों को मिलेगी सजा'

मुज्तबा खामेनेई की दोटूक चेतावनी: 'हम जीत गए, दुश्मनों को मिलेगी सजा'
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ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान की जीत की घोषणा की और अमेरिका तथा इजराइल को स्पष्ट चेतावनी दी। खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों को उनके द्वारा किए गए आक्रमण के लिए सजा से बचने नहीं देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

आक्रमण के लिए मुआवजे और जवाबदेही की मांग

इस्लामाबाद में चल रही महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान शपथ लेते हुए मोजतबा खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह विनाश के लिए मुआवजे की मांग करेगा और खामेनेई ने अपने संबोधन में कहा कि सर्वशक्तिमान ईश्वर की कृपा से हमलावरों को बरी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने हर क्षति के लिए वित्तीय मुआवजे, शहीद हुए नागरिकों के लिए 'रक्त-धन' (Blood Money) और युद्ध में घायल हुए सैनिकों के लिए पूर्ण क्षतिपूर्ति की मांग को प्रमुखता से रखा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का नया स्तर

रणनीतिक मोर्चे पर खामेनेई ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ईरान निश्चित रूप से इस जलडमरूमध्य के प्रबंधन को एक नए और अधिक कड़े स्तर पर ले जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र पर नियंत्रण बढ़ाने की ईरान की मंशा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकती है। खामेनेई ने इसे ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।

जनता और सशस्त्र बलों के साहस की सराहना

अपने आधिकारिक बयान में सर्वोच्च नेता ने ईरानी जनता और वहां के सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि ईरान का वीर राष्ट्र इस क्षेत्र में निर्णायक विजेता बनकर उभरा है और उन्होंने जनता के साहस को आक्रमण का सामना करने में सबसे बड़ी शक्ति बताया। खामेनेई ने लोगों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरकर 'मानव रक्षा श्रृंखला' बनाना जारी रखें, ताकि दुनिया को ईरान की एकजुटता का संदेश दिया जा सके।

युद्धविराम की अनिश्चितता और जमीनी हकीकत

खामेनेई ने चेतावनी दी कि केवल अस्थायी युद्धविराम की घोषणा का अर्थ संघर्ष का पूर्ण अंत नहीं है। उन्होंने मस्जिदों, मोहल्लों और सार्वजनिक चौकों पर जनता की उपस्थिति को अनिवार्य बताया और कहा कि लोगों की आवाज ही वार्ताओं के परिणाम को प्रभावित करती है। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता अधर में लटका हुआ है। ईरान का दावा है कि यह समझौता पूरे क्षेत्र के लिए है, जबकि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए हैं। वाशिंगटन और इजराइल का तर्क है कि युद्धविराम हिजबुल्लाह पर लागू नहीं होता, जिससे कूटनीतिक स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

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