ईरान के निशाने पर लॉस एंजिल्स समेत 13 अमेरिकी शहर, ट्रंप ने दी चेतावनी

Add as Preferred Source on Google News →
विज्ञापन
ईरान के निशाने पर लॉस एंजिल्स समेत 13 अमेरिकी शहर, ट्रंप ने दी चेतावनी
विज्ञापन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के कम से कम 13 प्रमुख शहरों पर ईरान द्वारा हमला किए जाने की गंभीर आशंका जताई है। मंगलवार 6 अक्टूबर को आयोजित एक रैली के दौरान ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ईरान लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो जैसे शहरों को निशाना बनाना चाहता है। उन्होंने ईरान को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें कोशिश करने दीजिए, हम अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इन शहरों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार वर्तमान में सामान्य से अधिक खर्च कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था कुछ ही दिनों की बात है और जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव चरम पर है।

सुरक्षा के घेरे में अमेरिका के 13 प्रमुख शहर

ईरानी खतरे को देखते हुए अमेरिकी संघीय सरकार ने उच्च जोखिम वाले शहरी क्षेत्रों के लिए सुरक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है और जिन 13 शहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और जहां अतिरिक्त फंड खर्च किया जाएगा, उनमें देश की राजधानी वाशिंगटन डीसी के साथ-साथ न्यूयॉर्क सिटी, ह्यूस्टन, शिकागो, अटलांटा, बोस्टन, डेनवर, मियामी, न्यू ऑरलियन्स, फीनिक्स/मैरिकोपा काउंटी, सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र, सिएटल और लॉस एंजिल्स शामिल हैं। इन शहरों का चयन एक पुरानी रणनीतिक रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। दरअसल, अमेरिका ने 2010 की एक जीएसओ रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है, जिसमें बताया गया था कि ये 13 शहर आतंकियों और दुश्मन देशों की रडार पर बने हुए हैं।

IRGC की चेतावनी और बी-2 बॉम्बर की वापसी

ट्रंप का यह बयान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) द्वारा अमेरिकी शहरों पर हमले की सीधी चेतावनी दिए जाने के बाद आया है। ईरान की इस धमकी के बाद अमेरिका ने एहतियात के तौर पर ब्रिटेन के फेयरफोर्ड बेस से अपने बी-2 बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है। ईरान ने इस क्षेत्र में ड्रोन हमले की चेतावनी दी थी, जिसे देखते हुए यह रणनीतिक फैसला लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले हफ्ते ईरान से जुड़े 5 लोगों को फेयरफोर्ड बेस के पास रेकी करते हुए देखा गया था। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस बेस पर ड्रोन हमला करने की योजना बना रहा था ताकि अमेरिका के शक्तिशाली बी-2 बॉम्बर विमानों को बेस पर ही नष्ट किया जा सके।

मार्को रुबियो का बयान और मिडटर्म इलेक्शन

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत में इस खतरे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ईरानी खतरे की गंभीरता को देखते हुए ही सुरक्षा बढ़ाने और सैन्य संसाधनों को स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान इस समय किसी भी प्रकार का प्रॉक्सी हमला करवा सकता है, इसलिए देश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका में अगले महीने मिडटर्म इलेक्शन यानी मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों को राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि चुनाव के दौरान इन 13 शहरों और पूरे देश की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

विज्ञापन