ईरान ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुए 14 दिनों के सीजफायर को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। तेहरान के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यदि लेबनान पर इजराइली सैन्य हमले जारी रहते हैं, तो यह युद्धविराम समझौता पूरी तरह से टूट सकता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय सहयोगियों पर हो रहे हमलों को नजरअंदाज नहीं करेगा। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है।
सीजफायर की शर्तों पर ईरान का कड़ा रुख
ईरान और अमेरिका के बीच हुए 14 दिनों के सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद तनाव फिर से चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने इजराइल पर सीजफायर की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के लवान और सीरी आइलैंड पर हालिया हमलों के बाद तेहरान ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। ईरान का तर्क है कि यदि उसके क्षेत्रीय हितों और लेबनान जैसे सहयोगियों पर हमले नहीं रुके, तो वह इस समझौते से पीछे हट जाएगा। हालांकि, इजराइल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सीजफायर की शर्तें लेबनान की सीमाओं पर लागू नहीं होती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों की आवाजाही बाधित
लेबनान पर बढ़ते इजराइली हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों की आवाजाही को नियंत्रित करना शुरू कर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय अस्थिरता का हवाला देते हुए टैंकरों को रोका गया है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है ताकि इजराइल को लेबनान में सैन्य कार्रवाई कम करने के लिए मजबूर किया जा सके।
लेबनान में इजराइली सैन्य अभियान और तबाही
इजराइल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष में पिछले 24 घंटों में तेजी आई है। इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने बेरूत और अन्य प्रमुख इलाकों में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि बुधवार को हुए हमलों में कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन हमलों में दर्जनों रिहायशी इमारतें और बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए हैं और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें बर्बर करार दिया है।
व्हाइट हाउस और इजराइल का कूटनीतिक पक्ष
व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता केवल द्विपक्षीय सुरक्षा चिंताओं तक सीमित है और इसमें लेबनान शामिल नहीं है। इजराइल का कहना है कि लेबनान में हिज्बुल्लाह की सक्रियता के कारण वहां शांति की शर्तें लागू नहीं की जा सकतीं। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लेबनान में सैन्य अभियान जारी रखेंगे। अमेरिका इस समय मध्य पूर्व में तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, लेकिन ईरान की ताजा धमकी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।