ब्रिक्स मंच से ईरानी राष्ट्रपति का अमेरिका पर प्रहार, सप्लाई चेन में सैन्य हस्तक्षेप की आलोचना

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ब्रिक्स मंच से ईरानी राष्ट्रपति का अमेरिका पर प्रहार, सप्लाई चेन में सैन्य हस्तक्षेप की आलोचना
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ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका पर तीखा हमला बोला। भारत मंडपम से अपने संबोधन में पेजेश्कियान ने कहा कि वर्तमान में दुनिया एक अत्यंत जटिल दौर से गुजर रही है, जहां भू-राजनीतिक अस्थिरता का लाभ उठाकर सप्लाई चेन को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों का इस्तेमाल एक खतरनाक प्रवृत्ति बन गई है। राष्ट्रपति के अनुसार, सप्लाई चेन को रोकने के लिए सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो वैश्विक व्यापार के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस स्थिति पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है क्योंकि इसने वैश्विक आर्थिक माहौल को बहुत अधिक जटिल बना दिया है।

आर्थिक प्रतिबंध और वैश्विक अस्थिरता

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अपने भाषण में अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि जब भी व्यापार, ऊर्जा या वित्तीय प्रणालियां राजनीतिक या सैन्य दबाव के दायरे में आती हैं, तो इसका प्रभाव केवल एक देश तक सीमित नहीं रहता और उन्होंने कहा कि इस तरह के दबाव का प्रभाव देश की सीमाओं से परे तक फैलता है और यह पूरी दुनिया में अस्थिरता का कारण बन सकता है। पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि आर्थिक साधनों का राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग वैश्विक विकास में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में आर्थिक स्थिरता तभी आ सकती है जब आर्थिक विविधता पर गंभीरता से काम किया जाए और किसी एक शक्ति का एकाधिकार समाप्त हो।

ब्रिक्स को बड़ी शक्ति बनाने का संकल्प

ईरान के राष्ट्रपति ने ब्रिक्स के भविष्य को लेकर अपनी महत्वाकांक्षी योजना साझा की। उन्होंने कहा कि हम ब्रिक्स को एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। ईरान की भौगोलिक स्थिति और उसके प्रचुर ऊर्जा संसाधनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान वैश्विक कनेक्टिविटी में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। पेजेश्कियान ने सुझाव दिया कि ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल को केवल बातचीत के मंच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे आर्थिक सहयोग के एक शक्तिशाली इंजन की तरह काम करना होगा। उनका मानना है कि इससे ऐसी परियोजनाओं को लागू करना संभव होगा जो सदस्य देशों के लिए ठोस और सकारात्मक परिणाम ला सकें।

वित्तीय सुरक्षा और नई क्रेडिट लाइन्स का प्रस्ताव

सहयोग को बेहतर बनाने और निवेश के लिए एक नया ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से पेजेश्कियान ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उन्होंने ब्रिक्स जॉइंट रिएश्योरेंस कंपनी के निर्माण का सुझाव दिया ताकि सदस्य देशों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, उन्होंने क्रेडिट लाइन्स पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि सदस्य देशों की मदद उनकी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में की जानी चाहिए। इससे न केवल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी राष्ट्रीय मुद्रा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस दिशा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इजराइल और अमेरिका की सैन्य नीतियों की आलोचना

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में पेजेश्कियान ने सैन्य हमलों के लिए इजराइल और अमेरिका की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सैन्य दबाव और हमलों के माध्यम से आर्थिक प्रणालियों को नियंत्रित करने की कोशिशें वैश्विक शांति के लिए खतरा हैं। उन्होंने दोहराया कि जब सैन्य शक्ति का उपयोग व्यापारिक मार्गों या वित्तीय प्रणालियों को बाधित करने के लिए किया जाता है, तो इससे होने वाली अस्थिरता पूरी दुनिया को प्रभावित करती है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से एकजुट होने का आह्वान किया ताकि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा सके जहां आर्थिक विकास किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सैन्य दबाव से मुक्त हो।

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