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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के इस्तीफे का दावा खारिज, ट्रंप बोले समझौते के करीब

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के इस्तीफे का दावा खारिज, ट्रंप बोले समझौते के करीब
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मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी भारी तनाव और कूटनीतिक हलचलों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के इस्तीफे की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। फॉक्स न्यूज ने ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट और ईरान इंटरनेशनल के एक अनाम सूत्र का हवाला देते हुए दावा किया था कि राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कथित तौर पर सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इन रिपोर्टों में ईरान के भीतर चल रहे आंतरिक सत्ता संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर मतभेदों की ओर इशारा किया गया था।

आंतरिक सत्ता संघर्ष और कट्टरपंथियों के हस्तक्षेप का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें ईरान इंटरनेशनल के एक अनाम सूत्र का हवाला दिया गया है, पेजेशकियान ने सुप्रीम लीडर को लिखे अपने कथित पत्र में गंभीर आरोप लगाए थे। दावे के मुताबिक, पेजेशकियान ने कहा कि उनके प्रशासन को ईरान में बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लेने की प्रक्रियाओं से पूरी तरह बाहर रखा गया है। पत्र में यह भी कहा गया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर के कट्टरपंथी गुटों ने देश के अहम मामलों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। अखबार की रिपोर्ट में आगे दावा किया गया कि पेजेशकियान ने लिखा है कि ऐसी परिस्थितियों में वह प्रभावी ढंग से शासन करने या अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में असमर्थ हैं, और इसलिए उन्होंने तुरंत राष्ट्रपति पद छोड़ने का अनुरोध किया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि सुप्रीम लीडर का कार्यालय इस कथित इस्तीफे पर क्या रुख अपनाएगा।

राष्ट्रपति कार्यालय ने अफवाहों को किया खारिज

इन रिपोर्टों के सामने आने के तुरंत बाद ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने कड़ा रुख अपनाया। राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना प्रसार के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि के भूखे एक नौजवान द्वारा राष्ट्रपति के पद के बारे में दिए गए बेबुनियाद और विवादित बयानों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। तबातबाई ने जोर देकर कहा कि कुछ भटके हुए तत्वों के बचकाने व्यवहार की वजह से यह झूठा नैरेटिव नहीं बनाया जाना चाहिए कि नौजवानों में देश पर शासन करने की क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान समझदार नौजवानों से भरा हुआ देश है, जिन्हें अब तक बेहतरीन प्रबंधन का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका है।

इस्तीफे की रिपोर्टों को पूरी तरह नकारते हुए उन्होंने आगे कहा कि एक बदनाम विदेशी नेटवर्क द्वारा फैलाई जा रही ये अफवाहें पिछली हास्यास्पद मीडिया चालों का ही हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मीडिया संस्थानों ने वास्तविकता की जगह अपने मनगढ़ंत विचारों को पेश किया है। तबातबाई ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पेजेशकियान जनता की सेवा करने से पीछे नहीं हटेंगे, ठीक वैसे ही जैसे ईरानी राष्ट्र एकजुटता और प्रतिरोध के मार्ग से कभी पीछे नहीं हटा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान की एकता को तोड़ने का सपना देखने वाले लोग अपनी इस इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाएंगे।

डोनाल्ड ट्रंप का शांति समझौते पर बड़ा बयान

एक तरफ जहां ईरान के भीतर राजनीतिक अस्थिरता की खबरें आ रही थीं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। ट्रंप ने अपनी बहू लारा ट्रंप के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान एक बहुत अच्छे समझौते के करीब पहुंच गए हैं। यह इंटरव्यू शनिवार रात फॉक्स न्यूज पर प्रसारित किया गया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम एक बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं और धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से हमें वह मिल रहा है जो हम चाहते हैं और हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन को वह नहीं मिलता जो वह चाहता है, तो वह इस मामले को किसी और तरीके से खत्म करने की कोशिश करेंगे। ट्रंप के इस बयान ने मध्य पूर्व में कूटनीतिक समाधान की नई उम्मीदें जगा दी हैं।

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