पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक भीषण आतंकी घटना सामने आई है, जहां जुमे की नमाज के दौरान एक प्रमुख मस्जिद को निशाना बनाया गया। यह धमाका कसर-ए-खदीजतुल कुबरा मस्जिद में हुआ, जिसे शहर की बड़ी और महत्वपूर्ण मस्जिदों में गिना जाता है। घटना के समय मस्जिद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नमाज के लिए एकत्रित थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनी गई। शुरुआती जांच में सुरक्षा अधिकारियों ने इसे एक आत्मघाती हमला होने की आशंका जताई है।
घटना का विवरण और तत्काल प्रभाव
स्थानीय समयानुसार दोपहर की नमाज के दौरान जब मस्जिद परिसर खचाखच भरा हुआ था, तभी एक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के तुरंत बाद मस्जिद के भीतर और बाहर अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में लोगों को बदहवास होकर भागते हुए देखा जा सकता है। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में भारी तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को सील कर दिया है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और आपातकाल
धमाके की सूचना मिलते ही पाकिस्तान सेना और पुलिस की टुकड़ियां मौके पर पहुंच गईं और सुरक्षा बलों ने मस्जिद के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना लिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस्लामाबाद के सभी प्रमुख अस्पतालों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों को तैनात किया गया है और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरी राजधानी में आपातकाल लागू कर दिया है। बम निरोधक दस्ते (BDU) को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिसर में कोई अन्य विस्फोटक मौजूद न हो।
जांच और प्रारंभिक साक्ष्य
सुरक्षा विशेषज्ञों और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है और प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावर ने मस्जिद के मुख्य हॉल में प्रवेश कर खुद को उड़ा लिया। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर के मार्ग और उसके सहयोगियों की पहचान की जा सके। गृह मंत्रालय ने इस घटना पर उच्च स्तरीय रिपोर्ट तलब की है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक बुलाई है।
सुरक्षा विश्लेषकों का दृष्टिकोण
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, इस्लामाबाद जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले का उद्देश्य राजधानी में अस्थिरता पैदा करना और सुरक्षा तंत्र को चुनौती देना हो सकता है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा कर सकती हैं।
वर्तमान में, बचाव अभियान जारी है और प्रशासन हताहतों की सटीक संख्या की पुष्टि करने में जुटा है। सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।