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इजरायल-ईरान युद्ध: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत रवाना हुए दो एलपीजी टैंकर

इजरायल-ईरान युद्ध: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत रवाना हुए दो एलपीजी टैंकर
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मध्य पूर्व में जारी युद्ध के 24वें दिन, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो भारतीय एलपीजी टैंकरों की रवानगी दर्ज की गई है। सोमवार को 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' नामक इन जहाजों ने फारस की खाड़ी से भारतीय बंदरगाहों की ओर अपनी यात्रा शुरू की और यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच इस समुद्री मार्ग के नियंत्रण और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर वाकयुद्ध तेज हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये जहाज विश्व के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक से होकर गुजरेंगे, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारतीय टैंकरों की आवाजाही और समुद्री सुरक्षा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर, जग वसंत और पाइन गैस, इस समय फारस की खाड़ी से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। आधिकारिक ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दोनों जहाज लारक और केशम जलडमरूमध्य की ओर अग्रसर हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद, इन टैंकरों के कार्गो के साथ भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ से दुनिया के कुल पेट्रोलियम उपभोग का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। वर्तमान युद्ध की स्थिति में इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भारत की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सैन्य संघर्ष और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले

युद्ध के ताजा घटनाक्रम में इजरायली रक्षा बलों ने ईरान के भीतर 40 महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के बिजली ग्रिड और अन्य महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसी बीच, कुवैत से एक अमेरिकी फाइटर जेट के क्रैश होने की सूचना मिली है। अल-अहद समाचार नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, विमान पर हमला किया गया था जिसके कुछ ही मिनटों बाद वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इन सैन्य कार्रवाइयों ने क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वाकयुद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शक्ति के माध्यम से ही शांति स्थापित की जा सकती है। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखने पर जोर दे रहा है। दूसरी ओर, ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की धमकी पर अमल करता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देगा। ईरान ने वर्तमान में केवल अपने मित्र देशों के जहाजों को ही अपनी शर्तों पर इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। इसके अतिरिक्त, ईरान ने अमेरिकी आईटी क्षेत्र को भी निशाना बनाने की धमकी दी है।

रूस का ईरान को समर्थन और क्षेत्रीय गठबंधन

क्षेत्रीय राजनीति में रूस ने ईरान के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फारसी नव वर्ष नवरोज के अवसर पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन को बधाई संदेश भेजा है। मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने ईरान को एक 'वफादार दोस्त और भरोसेमंद सहयोगी' बताया है। रूसी नेता ने विश्वास व्यक्त किया कि ईरानी जनता वर्तमान युद्धकालीन कठिनाइयों का सामना करने में सक्षम होगी। रूस ने बार-बार अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की है और तेहरान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।

इजरायल की सुरक्षा चिंताएं और मिसाइल क्षमता

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की बढ़ती मिसाइल क्षमता पर चिंता व्यक्त की है। नेतन्याहू के अनुसार, डिएगो गार्सिया पर हाल ही में हुए ईरानी मिसाइल हमलों से यह सिद्ध होता है कि ईरान के पास यूरोप तक मार करने की क्षमता है। उन्होंने अराद शहर का दौरा किया, जहाँ ईरानी मिसाइल हमलों के कारण नागरिक हताहत हुए थे और नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका मिलकर इस वैश्विक खतरे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

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