इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की है कि उन्हें कुछ साल पहले कैंसर डिटेक्ट हुआ था, जिसे अब उन्होंने सफलतापूर्वक हरा दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई है कि नेतन्याहू को प्रोस्टेट कैंसर हुआ था।
कैंसर का पता चलना और सफल इलाज
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, वर्ष 2024 में एक नियमित टेस्ट के दौरान उन्हें कैंसर होने की जानकारी मिली थी। हालांकि, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें इस बीमारी के बारे में डेढ़ साल पहले ही पता चल गया था, तभी उन्होंने इलाज कराने का निर्णय लिया था। डॉक्टरों ने इस बीमारी का सफल इलाज कर दिया है और वर्तमान में उनकी स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है और नेतन्याहू ने बताया कि डॉक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से एक सेंटीमीटर का एक छोटा सा ट्यूमर शरीर से हटाया है।
गोपनीयता का कारण और अस्पताल की जानकारी
नेतन्याहू ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने इस जानकारी को अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया था। उन्होंने लिखा कि ईरान इस खबर का फायदा उठाकर फेक न्यूज फैला सकता था, इसी डर से उन्होंने इसे गुप्त रखा। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 में इजराइल के प्रधानमंत्री की प्रोस्टेट से संबंधित एक सर्जरी हुई थी, लेकिन उस समय यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि यह कैंसर के उपचार के लिए की गई सर्जरी है। प्रधानमंत्री के कैंसर का इलाज यरूशलेम के हदासा अस्पताल में किया गया।
नेतन्याहू का राजनीतिक सफर और कार्यकाल
बेंजामिन नेतन्याहू पिछले 19 वर्षों से इजराइल के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष और भविष्य की योजना
नेतन्याहू के नेतृत्व में इजराइल ने गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे संगठनों के खिलाफ कड़े सैन्य अभियान चलाए हैं और उन्हें कमजोर कर दिया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू की योजना इजराइल को मध्य पूर्व में 'ग्रेटर इजराइल' के रूप में स्थापित करने की है। उन्होंने अपने पोस्ट में विश्वास व्यक्त करते हुए लिखा कि जब भी उनके सामने कोई समस्या आती है, वह तुरंत उसके समाधान में जुट जाते हैं और इसी संकल्प के साथ उन्होंने कैंसर को भी मात दी है।