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ईरान-अमेरिका शांति समझौते में रोड़ा बने अहमद वाहिदी, पेंटागन ने बनाई हत्या की योजना

ईरान-अमेरिका शांति समझौते में रोड़ा बने अहमद वाहिदी, पेंटागन ने बनाई हत्या की योजना
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ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते (पीस डील) को लेकर चल रही कोशिशों के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान की जिद और कड़े रुख की वजह से इस समझौते पर पेच फंसा हुआ है। इस बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ईरान में एक सीमित स्ट्राइक की योजना तैयार कर रहा है और पेंटागन के सूत्रों ने सीएनएन को जानकारी दी है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रमुख अहमद वाहिदी इस बातचीत को फाइनल होने में सबसे बड़ा रोड़ा बने हुए हैं। इसी कारण से अमेरिका अब उन्हें निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। इस अभियान में अमेरिका को इज़राइल का सहयोग मिल सकता है।

शांति समझौते में बाधा और पेंटागन की रणनीति

अहमद वाहिदी वर्तमान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख हैं और कहा जा रहा है कि ईरान की असली शक्ति उन्हीं के हाथों में केंद्रित है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि वाहिदी की मौजूदगी के कारण ही ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत किसी तार्किक परिणति तक नहीं पहुंच पा रही है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग का मानना है कि शासन में बैठे कुछ विशिष्ट लोगों की वजह से वार्ता बाधित हो रही है और उन्हें हटाने या निशाना बनाने से ईरान पुनः वार्ता की पटरी पर लौट सकता है।

इस्लामाबाद बैठक और वाहिदी का दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एक मुख्य कारण हाल ही में टली एक महत्वपूर्ण बैठक है। मंगलवार, 21 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक होनी तय थी। हालांकि, आखिरी वक्त पर ईरान का डेलिगेशन इस बैठक में शामिल होने नहीं पहुंचा। सूत्रों का दावा है कि आईआरजीसी चीफ अहमद वाहिदी ने दबाव बनाकर ईरानी डेलिगेशन को इस्लामाबाद जाने से रोक दिया था। वाहिदी और आईआरजीसी की मांग है कि बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिका होर्मुज के बाहर की नाकाबंदी को पूरी तरह से खत्म करे।

ईरान में सत्ता का समीकरण और वाहिदी का बढ़ता कद

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के भीतर सत्ता का संतुलन बदल रहा है। मुज्तबा खामेनेई इस वक्त गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिसके कारण शासन के सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसले अहमद वाहिदी खुद ले रहे हैं। वाहिदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार का बेहद करीबी माना जाता है। स्वयं अयातुल्ला अली खामेनेई ने ही उन्हें आईआरजीसी का डिप्टी चीफ नियुक्त किया था। वाहिदी ने अपने करियर की शुरुआत 1979 में की थी और वे इराक के साथ हुए युद्ध में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे थे।

अहमद वाहिदी का प्रोफाइल और गठबंधन

वहीद शाहचेराघी, जिन्हें अहमद वाहिदी के नाम से जाना जाता है, का जन्म 1958 में हुआ था। वे शाह पहेलवी के खिलाफ हुए आंदोलन का हिस्सा थे और 1979 में आईआरजीसी की स्थापना के समय ही इसमें शामिल हो गए थे। उन्हें पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी का करीबी सहयोगी माना जाता था। वाहिदी को इसी साल मार्च में मोहम्मद पाकपूर की हत्या के बाद आईआरजीसी का प्रमुख नियुक्त किया गया था। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, वाहिदी ने ईरान नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र के साथ गठबंधन कर लिया है, जिससे ईरान की चुनी हुई सरकार और उदारवादी नेता पूरी तरह से हाशिए पर चले गए हैं।

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