बगावत पर उतरा इजराइल: अमेरिका-ईरान डील के बाद नेतन्याहू सरकार ने लिए 2 बड़े फैसले

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बगावत पर उतरा इजराइल: अमेरिका-ईरान डील के बाद नेतन्याहू सरकार ने लिए 2 बड़े फैसले
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए हालिया फ्रेमवर्क समझौते ने इजराइल के भीतर एक बड़े राजनीतिक और कूटनीतिक विद्रोह को जन्म दे दिया है। इजराइल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार इस समझौते को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देख रही है। इस असंतोष के परिणामस्वरूप इजराइल ने अमेरिका के खिलाफ दो बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

जिनेवा में होगा समझौता और पाकिस्तान की भूमिका

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए दोनों देश एक फ्रेमवर्क समझौते पर सहमत हो गए हैं और इस महत्वपूर्ण समझौते पर 19 जून को जिनेवा में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। जहां एक ओर खाड़ी देशों और दुनिया भर के नेता इस समझौते का स्वागत कर रहे हैं और शांति की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं इस पूरे संघर्ष का केंद्र रहे इजराइल के प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नेतन्याहू की चुप्पी और ट्रंप का जन्मदिन

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के बारे में सार्वजनिक रूप से अब तक कुछ नहीं कहा है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केवल एक संदेश पोस्ट किया, जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए था और नेतन्याहू ने ट्रंप को उनके 80वें जन्मदिन पर बधाई दी, लेकिन ईरान के साथ हो रहे सीजफायर समझौते या लेबनान संघर्ष पर कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उनकी सरकार के अन्य मंत्रियों ने इस समझौते की तीखी आलोचना की है और इसे इजराइल तथा पूरी स्वतंत्र दुनिया के लिए नुकसानदेह बताया है।

अमेरिकी विमानों को हटाने का आदेश और उड़ानों पर असर

इजराइल की ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर मिरी रेगेव ने एक बड़ा कदम उठाते हुए बेन-गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अमेरिकी रीफ्यूलिंग विमानों को हटाने का आदेश दिया है। पिछले महीने इजराइल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने यह चेतावनी दी थी कि इन विमानों की लगातार मौजूदगी के कारण 24 लाख से ज्यादा फ्लाइट टिकट रद्द करने की नौबत आ सकती है। जैसे ही अमेरिका और ईरान के बीच फ्रेमवर्क की खबरें आईं, रेगेव ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से इन विमानों को तुरंत हटाने के लिए कह दिया, जिसे अमेरिका के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

इतामार बेन ग्विर का कड़ा रुख

इजराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन ग्विर ने इस समझौते को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर स्पष्ट रूप से लिखा कि यह समझौता इजराइल को बाध्य नहीं करता क्योंकि इजराइल इस डील का हिस्सा नहीं है और बेन ग्विर ने कहा कि यह समझौता उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजराइल को हिजबुल्लाह के पूर्ण खात्मे से कम किसी भी बात पर राजी नहीं होना चाहिए और उन्होंने यह भी कहा कि इजराइली सैनिकों ने जिस जमीन पर कब्जा किया है और जिसे आतंकवादी बुनियादी ढांचे से मुक्त कराया है, उसके एक इंच हिस्से से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। इन बयानों से स्पष्ट है कि इजराइल इस जंगबंदी को मानने के मूड में नहीं है, जिससे क्षेत्र में शांति की कोशिशों को झटका लग सकता है।

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