ईरान पर तीसरे हमले की आहट: बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप की तैयारी से बढ़ा युद्ध का खतरा

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ईरान पर तीसरे हमले की आहट: बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप की तैयारी से बढ़ा युद्ध का खतरा
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अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तीसरे युद्ध का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल और बयानों की तल्खी ने दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इजराइल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमले की धमकी दे रहे हैं, जिसका मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम है और ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध शुरू होता है, तो यह न केवल खाड़ी क्षेत्र की शांति को भंग करेगा, बल्कि पूरी दुनिया को एक भीषण तेल संकट और कमरतोड़ महंगाई की आग में झोंक देगा।

पिछले हमलों का इतिहास और वर्तमान स्थिति

ईरान पर तीसरे हमले की आशंका एक नए और गंभीर सवाल के रूप में उभरी है। पिछले कुछ समय में ईरान पर दो बड़े हमले पहले ही हो चुके हैं। पहला हमला पिछले साल हुआ था, जब अमेरिका ने ईरान के तीन महत्वपूर्ण न्यूक्लियर प्लांट पर बमबारी की थी। इसके बाद, दूसरा हमला इसी साल 28 फरवरी को हुआ, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। वह युद्ध काफी समय तक चला था, लेकिन अब तीसरे दौर के हमले की आहट साफ सुनाई दे रही है और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुले तौर पर कहा है कि वे तीसरी बार ईरान पर हमला कर सकते हैं। वहीं, अमेरिका भी तेहरान पर हमले की एक विस्तृत योजना तैयार कर रहा है, जिसके संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की है।

बेंजामिन नेतन्याहू के कड़े तेवर

इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों ने खाड़ी में युद्ध की चिंगारी को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने हाल ही में ऐलान किया कि इजराइल की सेना दो बार ईरान में घुसकर हमले कर चुकी है और जरूरत पड़ने पर वे तीसरी बार भी वहां जाकर हमला करेंगे। " नेतन्याहू के इस बयान से ठीक पहले इजराइल के रक्षा मंत्री ने भी ईरान पर हमले की धमकी दी थी। इसके जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघिर कालिबाफ ने सरकारी टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि वे बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर वार्ता सफल नहीं हुई तो वे युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट

ईरान के खिलाफ बड़े ऑपरेशन की तैयारी में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इरादों ने भी हलचल मचा दी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि ट्रंप ईरान के खिलाफ फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान समझौते का उल्लंघन करता है, तो ट्रंप दोबारा तेहरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत जारी रखने की अनुमति भी दी है। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच दो मुख्य मुद्दों पर पेंच फंसा हुआ है: पहला होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता और दूसरा ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम।

वैश्विक तेल संकट और महंगाई का डर

जानकारों का मानना है कि होर्मुज और न्यूक्लियर प्रोग्राम ही फिर से युद्ध के ट्रिगर बन सकते हैं और समझौते के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह नहीं खुला है और न ही ईरान अमेरिका की शर्तों पर परमाणु समझौते के लिए तैयार है। यदि तीसरी बार युद्ध छिड़ता है, तो इसका सबसे भयानक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि युद्ध की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें, जो अभी 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, बढ़कर 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसके बाद दुनिया भर में महा-महंगाई आएगी और कोई भी देश इसके विनाशकारी प्रभाव से बच नहीं पाएगा और तेहरान से लेकर इस्फहान तक बारूदी बवंडर उठने की आशंका ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है।

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