राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर नगर निगम के लिए अपने प्रत्याशियों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है, जिसके साथ ही चुनावी बिसात बिछ गई है। हालांकि कुल 150 वार्डों में से अभी भी 5 वार्ड ऐसे हैं जहां प्रत्याशियों के नामों पर पेंच फंसा हुआ है। इन वार्डों में वार्ड संख्या 68, 79, 85, 102 और 132 शामिल हैं, जिनके लिए पार्टी आलाकमान अभी भी गहन मंथन कर रहा है और इनके नामों की घोषणा फिलहाल बाकी है। भाजपा ने इस सूची के माध्यम से एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
अल्पसंख्यक समाज के बीच पैठ बढ़ाने की रणनीति
भाजपा ने इस बार के निगम चुनाव में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 150 वार्डों में से 8 मुस्लिम चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है। यह कुल टिकटों का लगभग 5 पॉइंट 3 प्रतिशत हिस्सा है। पार्टी की इस रणनीति को निकाय चुनाव में सामाजिक समीकरणों को साधने के साथ-साथ कांग्रेस के परंपरागत अल्पसंख्यक समर्थन आधार को कड़ी चुनौती देने के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा ने जिन मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है, उनमें वार्ड 19 से शहनवाज अंसारी का नाम शामिल है। यह सीट सामान्य श्रेणी की होने के बावजूद मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट देना पार्टी के नए राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसके अलावा वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन जैकी, वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
रायशुमारी और चयन की प्रक्रिया
जयपुर नगर निगम के प्रत्याशियों के चयन को लेकर रविवार देर रात तक रायशुमारी का दौर चला। राजधानी के विभिन्न वार्डों में टिकट वितरण के लिए पार्टी ने स्थानीय संगठन और वरिष्ठ नेताओं से विस्तृत फीडबैक लिया और नामों को अंतिम रूप देने के बाद प्रत्याशियों को देर रात से ही फोन कर टिकट मिलने की सूचना दी गई। पार्टी ने यह तरीका संभावित नाराजगी और बगावत को रोकने के लिए अपनाया है ताकि टिकट न मिलने वाले दावेदार सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन न कर सकें। इससे पहले जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में लगातार तीन दिन तक संभागवार बैठकें चली थीं, जिनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार के साथ दिल्ली से आए पार्टी नेताओं ने भी हिस्सा लिया। इन बैठकों में जिताऊ चेहरे, स्थानीय समीकरण और संगठन के प्रति सक्रियता जैसे मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नामांकन का अंतिम दिन और कानूनी सहायता
नगरीय निकाय चुनाव के तहत 31 अगस्त यानी आज नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। समय की कमी को देखते हुए भाजपा ने अपने सभी घोषित प्रत्याशियों को बिना वक्त गंवाए सीधे नामांकन केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। नामांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी या कानूनी अड़चन से बचने के लिए भाजपा ने 150 कानूनी सलाहकारों की एक मजबूत टीम तैनात की है। यह टीम मौके पर ही प्रत्याशियों के हलफनामे तैयार करने, दस्तावेजों की जांच करने और पर्चा भरने में मदद कर रही है। भाजपा की यह पूरी तैयारी दर्शाती है कि वह जयपुर नगर निगम में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ कानूनी पहलुओं पर भी पूरा ध्यान दे रही है।