रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव करते हुए पंकज पवार को नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव कंपनी के प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) से ठीक पहले किया गया है, जो भारतीय बाजार का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। पंकज पवार ने इस पद पर किरण थॉमस की जगह ली है। कंपनी द्वारा जून में बाजार नियामक सेबी के पास जमा किए गए दस्तावेजों से इस बदलाव की जानकारी मिली है और ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, किरण थॉमस ने 23 मार्च को सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके अगले ही दिन, 24 मार्च को पंकज पवार ने कार्यभार संभाल लिया था। पवार वर्तमान में रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पंकज पवार का अनुभव और रिलायंस में भूमिका
53 वर्षीय पंकज मोहन पवार रिलायंस समूह के एक अनुभवी अधिकारी हैं और वह साल 2000 से ही इस समूह के साथ जुड़े हुए हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ बनने के साथ-साथ वह रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के एमडी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके पास बड़े कंज्यूमर और डिजिटल सर्विस बिजनेस को खड़ा करने और उन्हें विस्तार देने का लगभग तीन दशकों का व्यापक अनुभव है। दूसरी ओर, किरण थॉमस जो पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष थे और डिजिटल सेवा इकाई की शुरुआत के बाद से हर सालाना आम बैठक और प्रस्तुतीकरण में नजर आते थे, अब मुख्य प्रबंधन अधिकारियों की सूची में शामिल नहीं हैं। इस बदलाव के संबंध में जियो को ईमेल भेजकर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन उनकी ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
देश का सबसे बड़ा आईपीओ और वित्तीय लक्ष्य
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने इस प्रस्तावित आईपीओ के जरिए लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 37,700 करोड़ रुपये बैठती है। अगर यह आईपीओ सफल रहता है, तो यह साल 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ते हुए भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के मुताबिक, कंपनी 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। आईपीओ का इश्यू प्राइस सेबी के नियमों के तहत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से तय किया जाएगा। इस आईपीओ का मुख्य उद्देश्य जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू को अनलॉक करना है, जिसका कारोबार टेलीकम्युनिकेशन, डिजिटल सर्विसेज और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।
बोर्ड का गठन और मुकेश अंबानी की भूमिका
आईपीओ के लिए जमा किए गए मसौदा दस्तावेजों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल में चेयरमैन और गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में शामिल होंगे। बोर्ड में मनोज हरजीवनदास मोदी को गैर-कार्यकारी निदेशक और आकाश अंबानी को प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, मुकेश अंबानी के अन्य दो बच्चे, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी भी गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर बोर्ड का हिस्सा होंगे। यह बोर्ड कंपनी की भविष्य की रणनीतियों और डिजिटल विस्तार की योजनाओं की निगरानी करेगा। जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम यूनिट, रिलायंस जियो इन्फोकॉम, ग्राहकों की संख्या के आधार पर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर कंपनी है, जो केवल चीन की चाइना मोबाइल से पीछे है।
वैश्विक निवेशक और कंपनी की वैल्यूएशन
जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक स्तर पर कई बड़े निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। साल 2020 में कंपनी ने मेटा, गूगल, केकेआर, सिल्वर लेक और जनरल अटलांटिक जैसे दिग्गज निवेशकों से 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि जुटाई थी। उस समय फंडरेजिंग के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन 57 अरब से 65 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच आंकी गई थी। वर्तमान में मेटा और गूगल कंपनी के सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में शामिल हैं। प्रस्तावित आईपीओ के तहत जारी किए जाने वाले 27 करोड़ नए शेयर, इश्यू के बाद की कुल इक्विटी कैपिटल का लगभग 2 दशमलव 9 प्रतिशत होंगे। इस कदम से रिलायंस अपनी डिजिटल इकाई की बाजार में स्थिति को और मजबूत करना चाहती है और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करना चाहती है।