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केदारनाथ यात्रा पर भारी बारिश का ब्रेक, बद्रीनाथ मार्ग पर लगा भीषण जाम

केदारनाथ यात्रा पर भारी बारिश का ब्रेक, बद्रीनाथ मार्ग पर लगा भीषण जाम
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उत्तराखंड में मौसम के बदलते मिजाज और भारी बारिश के चलते रुद्रप्रयाग प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोकने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वर्तमान में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ही रोक दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में मौसम काफी खराब बना हुआ है, जिसके कारण जगह-जगह भूस्खलन और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। यात्रियों को हो रही परेशानियों और संभावित खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने यह कदम उठाया है। बारिश की वजह से कई स्थानों पर लोग फंसे हुए हैं और सड़कों पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

ऑरेंज अलर्ट और प्रशासन की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने पूरे उत्तराखंड में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। रुद्रप्रयाग की स्थानीय पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लिखा है कि जनपद रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु केदारनाथ यात्रा को अस्थाई तौर पर रोका गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। श्रद्धालु किसी भी समस्या के समाधान के लिए 8958757335 और 8218326386 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आपातकालीन सेवा डायल 112 के माध्यम से भी मदद ली जा सकती है। प्रशासन ने सभी यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है।

बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर यातायात संकट

केदारनाथ यात्रा रुकने के साथ-साथ बद्रीनाथ मार्ग पर भी श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जोशीमठ के पास बद्रीनाथ नेशनल हाईवे (NH-7) पर भीषण जाम लगा हुआ है, जिससे वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इस जाम को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एक आपातकालीन टोकन-आधारित गेट प्रणाली सक्रिय की है। इस व्यवस्था के तहत 30 मिनट के अंतराल पर एकतरफा यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है ताकि जाम को धीरे-धीरे कम किया जा सके और यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रतिदिन लगभग 30000 से 35000 तीर्थयात्री श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं। इसके साथ ही 5000 से 10000 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की ओर जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की इस भारी संख्या के कारण मौजूदा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दबाव काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से जोशीमठ-मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग मार्ग पर लगभग 10 किलोमीटर का सड़क खंड बेहद खराब स्थिति में है। एसपी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व जोशीमठ क्षेत्र में हुए प्राकृतिक भू-धंसाव ने वहां के सड़क ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे यातायात प्रबंधन में कठिनाई आ रही है।

एकतरफा यातायात व्यवस्था और प्रभावी प्रबंधन

इन बुनियादी ढांचागत चुनौतियों और संकरे रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने एक सुनियोजित एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की है। जोशीमठ में नरसिंह मंदिर के पास एक व्यवस्थित द्वार प्रणाली स्थापित की गई है। एसपी सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, चूंकि यह द्वार प्रणाली मंदिर के पास स्थित है, इसलिए श्रद्धालु अपनी बारी की प्रतीक्षा करते समय आसानी से रुक सकते हैं और पवित्र मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान यातायात योजना जमीनी स्तर पर बहुत प्रभावी ढंग से काम कर रही है और इससे यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने में मदद मिल रही है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि मौसम साफ होते ही यात्रा को पुनः सुचारू किया जा सके।

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