खरगे के बयान पर सियासी घमासान, बीजेपी बोली यह माफिया गैंग जैसी सोच, जानें मुख्य अपडेट

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खरगे के बयान पर सियासी घमासान, बीजेपी बोली यह माफिया गैंग जैसी सोच, जानें मुख्य अपडेट
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बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर से भारी उबाल आ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से हमलावर मोड में नजर आई और पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं ने एक सुर में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बीजेपी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की पूरी कार्यशैली और उसकी संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इसे गुंडों तथा माफियाओं वाली भाषा करार दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस समय यह मुद्दा सबसे गरमाया हुआ विषय बना हुआ है और दोनों तरफ से तीखे बयानों का दौर लगातार जारी है।

बीजेपी का आधिकारिक एक्स हैंडल पर कड़ा प्रहार

भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक तीखा और विस्तृत पोस्ट साझा किया है। पार्टी ने अपने बयान में लिखा कि कभी जिस भाषा को गुंडे-मवालियों से जोड़ा जाता था, आज देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उसी प्रकार की भाषा का खुलकर प्रयोग कर रहे हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के युवराज इसी खीझ और निराशा के चलते कभी सड़क पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ गलत बर्ताव करते हैं, तो कभी अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ धक्का-मुक्की करने से भी नहीं चूकते हैं। बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की पूरी कार्यशैली और उनका तौर-तरीका अब पूरी तरह से एक माफिया प्रवृत्ति का हो चुका है। पार्टी ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि एक माफिया गैंग अधिक प्रतीत होती है।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी ने आगे कहा कि वैसे, खरगे जी के बयान वाले इस दबी जुबान के ख़्वाब को पूरा करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षा ने दस साल तक हर संभव पैंतरा चलाया था, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी सत्ता से पूरी तरह बाहर हो गई। आज उनका बेटा इसी पुराने ख़्वाब को फिर से पूरा करने के लिए कभी वियतनाम तो कभी कोलंबिया के बीच दर-दर भटकने को मजबूर है। बीजेपी ने विश्वास जताते हुए कहा कि देश की महान जनता उनके इस नापाक ख़्वाब को कभी भी पूरा नहीं होने देगी और हर मोर्चे पर करारा जवाब देती रहेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में बेहद अभद्र टिप्पणी करके शालीनता और राजनीतिक शुचिता की सारी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि यह कोई पहला अवसर नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी या उसके नेताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके परिवार के सदस्यों पर निजी हमले किए हों या फिर उन्हें अपशब्द कहे हों।

अमित शाह ने याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने अतीत में कभी प्रधानमंत्री मोदी की पूजनीय माताजी के विषय में अत्यंत अभद्र अपशब्द कहे, तो कभी उन्हें मौत का सौदागर कहकर अपमानित किया, और कभी चायवाला कहकर उनकी गरीबी का सार्वजनिक मंचों पर उपहास उड़ाया। गृह मंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर बीतते दिन के साथ अभद्रता की सभी नई सीमाएं पार करती जा रही है। पिछले बारह वर्षों के दौरान लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा और निराशा इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि अब उनके पास न तो देश के विकास के लिए कोई नीति बची है और न ही कोई ठोस मुद्दा, उनके पास केवल और केवल गाली-गलौज की राजनीति ही शेष रह गई है। जनता के बीच अपना जनाधार पूरी तरह खो चुकी कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं के बीच से भी अपना वैचारिक आधार खोती जा रही है। जब-जब इन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब देश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दिया है।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का तीखा हमला

भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन ने भी इस मामले पर खुलकर अपनी बात रखी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। नितिन नवीन ने अपने बयान में कहा कि आज पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जिस प्रकार की बेहद अमर्यादित और असंसदीय भाषा का खुलेआम प्रयोग किया गया है, वह सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी के वैचारिक दिवालियापन को उजागर करता है।

नितिन नवीन ने आगे कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और वैचारिक मतभेदों की भी एक निश्चित गरिमा और मर्यादा होती है, लेकिन किसी सार्वजनिक मंच से किसी के स्वर्गीय परिजनों को राजनीतिक भाषणों में घसीटना ही अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का असली संस्कार बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल खरगे जी का कोई व्यक्तिगत बयान नहीं है, बल्कि यह पूरी कांग्रेस पार्टी की शिष्टाचार-विहीन सोच का खुला प्रकटीकरण है। जब विपक्ष के पास देश के विकास, दूरदर्शी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता है, तो वे अपनी इसी प्रकार की विफलता से उपजी हताशा और व्यक्तिगत आक्षेपों का सहारा लेने लगते हैं। देश की सचेत जनता इस प्रकार की अमर्यादित राजनीति को बहुत ही बारीकी से देख रही है और आने वाले समय में इसका उचित और करारा जवाब देगी।

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