Farmers Tractor March: राजस्थान में किसानों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को जयपुर में संपन्न हुई, जिसमें। कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात की। यह बैठक जयपुर के कृषि पंत भवन में आयोजित की गई, जिसमें कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। किसानों के विभिन्न मुद्दों पर लगभग दो घंटे तक चली यह वार्ता काफी गहन रही।
ट्रैक्टर मार्च को रोका गया
इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले, राहुल कस्वां के नेतृत्व में किसान जयपुर की ओर ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इस मार्च को रतनपुरा गांव के पास रोक दिया। किसानों का यह प्रदर्शन लंबे समय से चल रहा था, जिसमें वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे और ट्रैक्टर मार्च को रोके जाने के बाद, किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का निर्णय लिया और कृषि मंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़े।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य
ट्रैक्टर मार्च रोके जाने के बाद, किसानों का एक 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कृषि पंत भवन में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल कस्वां के साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। इनमें रतनगढ़ से विधायक पूसाराम गोदारा, तारानगर से विधायक नरेंद्र बुडानिया, नोहर से विधायक अमित चाचान और सुजानगढ़ से विधायक मनोज मेघवाल प्रमुख रूप से मौजूद थे और इन सभी नेताओं ने किसानों की समस्याओं को मंत्री के सामने मजबूती से रखा।
किसानों की प्रमुख मांगें
राहुल कस्वां और उनके साथ आए किसानों का प्रदर्शन कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर था। इनमें सबसे प्रमुख मांग खरीफ 2021 के बकाया 500 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम को जल्द से जल्द दिलवाना था। इसके अतिरिक्त, डीएपी-यूरिया की किल्लत को समाप्त करना, किसानों से समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद सुनिश्चित करना, बीमा पोर्टल। में आ रही तकनीकी त्रुटियों का समाधान करना और कृषि कनेक्शन जारी करना भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था। ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर किसानों की आजीविका और कृषि गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
500 करोड़ के बीमा क्लेम का मुद्दा
बैठक के बाद राहुल कस्वां ने मीडिया को बताया कि उनकी। कोई आर्थिक मांग नहीं थी, बल्कि उनकी मांगें तकनीकी प्रकृति की थीं। उन्होंने विशेष रूप से खरीफ 2021 के 500 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम का जिक्र किया और कस्वां ने बताया कि इसी सरकार ने 29 फरवरी 2024 को किसानों के पक्ष में फैसला देते हुए इस 500 करोड़ रुपये के क्लेम को पास कर दिया था। हालांकि, बाद में बीमा कंपनी ने इस फैसले पर शिकायत दर्ज कराई,। जिसके परिणामस्वरूप 18 अगस्त को इस फैसले को रद्द कर दिया गया था। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ था और उनकी उम्मीदें टूट गई थीं।
मंत्री का आश्वासन और आगे की राह
राहुल कस्वां ने कृषि मंत्री से हुई बातचीत के बाद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्री महोदय से बात हुई है और विभाग ने माना है कि वे इस मुद्दे पर फिर से ध्यान देंगे और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई करेंगे। कस्वां ने कहा कि इस बातचीत से किसानों के लिए क्लेम मिलने की जो राह बंद हो गई थी, वह अब फिर से खुल गई है और यह किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, जो लंबे समय से अपने बकाया बीमा क्लेम का इंतजार कर रहे थे।
विधायक नरेंद्र बुडानिया ने जताया आभार
वार्ता के बाद विधायक नरेंद्र बुडानिया ने भी कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने उनकी मांगों को हल करने का आश्वासन दिया है और यह वार्ता उनके राजनीतिक काल की सबसे अच्छी वार्ताओं में से एक रही है और बुडानिया ने विशेष रूप से बीमा की रकम और अन्य मांगों को हल करने के वादे पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी सकारात्मक बातचीत पहले कभी नहीं देखी गई।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का बयान
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बैठक के बाद बताया कि प्रतिनिधिमंडल बीमा क्लेम, जल जीवन मिशन की प्रगति, फर्टिलाइजर की उपलब्धता, एमएसपी के टोकन, पीएम फसल बीमा योजना की शिकायतों और झींगा मछली पालन की मांगों को लेकर आया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मांगों से संबंधित एक पत्र भारत सरकार को भेजा जाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल उनकी बातों से पूरी तरह संतुष्ट है और उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के मामलों में जो भी पेंडेंसी है, उस पत्रावली को मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुजानगढ़, रतनगढ़ और बीदासर में डीएपी की सप्लाई की समस्या को भी जल्द हल करवाने का वादा किया और यह बैठक किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।