हिमाचल के लाहौल स्पीति में भीषण हादसा: मलबे में दबी टैक्सी, 13 लोगों की मौत

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
हिमाचल के लाहौल स्पीति में भीषण हादसा: मलबे में दबी टैक्सी, 13 लोगों की मौत
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। शुक्रवार को जिले के उदयपुर किलाड़ सड़क मार्ग पर एक भीषण हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। कडू नाला के पास अचानक पहाड़ से गिरे भारी मलबे की चपेट में एक टैक्सी आ गई, जो कुल्लू से पांगी की ओर जा रही थी। इस प्राकृतिक आपदा ने टैक्सी में सवार यात्रियों को संभलने का एक भी मौका नहीं दिया और वाहन पूरी तरह से मलबे के नीचे दब गया।

हादसे का घटनाक्रम और हताहतों का विवरण

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। घटनास्थल पर पहुंचे भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने व्यक्तिगत रूप से इस दुखद आंकड़े की पुष्टि की है। मृतकों में एक 6 महीने की मासूम बच्ची भी शामिल है, जिसकी मौत ने इस हादसे की गंभीरता और दुख को और बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार, इस टैक्सी में कुल 15 लोग सवार थे। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद एक घायल व्यक्ति को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है, जिसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

सड़क खुलने के बाद शुरू हुआ था सफर

इस हादसे के पीछे की परिस्थितियों पर गौर करें तो पता चलता है कि यात्री अपनी मंजिल के बहुत करीब थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उदयपुर किलाड़ सड़क मार्ग एक दिन पहले हुए भूस्खलन के कारण बंद कर दिया गया था। इस वजह से टैक्सी में सवार सभी यात्री तिंदी क्षेत्र में रुके हुए थे और सड़क खुलने का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को जब प्रशासन ने सड़क को यातायात के लिए बहाल किया, तब यह टैक्सी पांगी के लिए रवाना हुई। लेकिन तिंदी से कुछ ही दूरी पर कडू नाला के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे टैक्सी पर आ गिरा।

राहत एवं बचाव कार्य की विस्तृत जानकारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां सक्रिय हो गईं। मौके पर निम्नलिखित टीमों ने मोर्चा संभाला:

  • स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी
  • एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीम
  • जेसीबी और अन्य भारी मशीनें
  • स्थानीय ग्रामीण और स्वयंसेवक

मलबे की मात्रा इतनी अधिक थी कि टैक्सी को बाहर निकालने के लिए भारी मशीनों का सहारा लेना पड़ा। बचाव अभियान के दौरान मलबे में दबे लोगों को एक-एक करके बाहर निकाला गया, लेकिन दुर्भाग्यवश 13 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। विधायक डॉ. जनक राज ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन मलबे के नीचे दबे यात्रियों में से अधिकांश की मौके पर ही मौत हो गई थी।

प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षा अपील

हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें और विशेष रूप से लाहौल स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही इन मार्गों का उपयोग करें और यात्रा शुरू करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

विज्ञापन