आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के शेयरों की आज घरेलू शेयर बाजार में डिस्काउंट पर एंट्री हुई, जिससे उन निवेशकों को बड़ा झटका लगा जिन्होंने इसके आईपीओ में उत्साहपूर्वक निवेश किया था। कंपनी ने अपने शेयर ₹402 के भाव पर जारी किए. थे, लेकिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इसकी लिस्टिंग ₹390. 00 पर हुई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह ₹395. 00 पर सूचीबद्ध हुआ। यह लिस्टिंग प्राइस इश्यू प्राइस से क्रमशः लगभग 3% और 1. 7% कम था, जिसका अर्थ है कि आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग के दिन कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि उनकी पूंजी में तत्काल कमी आ गई।
ग्रे मार्केट प्रीमियम का उतार-चढ़ाव
लेंसकार्ट के आईपीओ को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी और इसे कुल मिलाकर 28 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 40. 36 गुना (एंकर निवेशकों को छोड़कर) भरा था, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 18. 23 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 7. 56 गुना भरा था। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा भी 4. 96 गुना सब्सक्राइब हुआ था और हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से इसकी कमजोर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे थे। आईपीओ खुलने से कुछ दिन पहले GMP आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से करीब 27% पर था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें उठा-पटक हुई और लिस्टिंग से पहले यह घटकर ढाई फीसदी तक आ गया और मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिस्टिंग गेन अंततः मार्केट सेंटिमेंट और कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर तय होता है, न कि केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम पर।
निवेशकों को गहरा घाटा
लिस्टिंग के बाद भी लेंसकार्ट के शेयर की गिरावट जारी रही, जिससे आईपीओ निवेशकों को और भी बड़ा झटका लगा और bSE पर शेयर टूटकर ₹355. 70 तक आ गया, जिसका मतलब है कि आईपीओ निवेशकों को अब अपने निवेश पर 11. 52% का घाटा हो रहा है। यह उन निवेशकों के लिए एक निराशाजनक स्थिति है जिन्होंने कंपनी के मजबूत सब्सक्रिप्शन आंकड़ों को देखकर निवेश किया था। हालांकि, कंपनी के कर्मचारियों को इस गिरावट से थोड़ा कम नुकसान हुआ है क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹19 के डिस्काउंट पर मिला था, जिससे उनका प्रभावी खरीद मूल्य ₹383 प्रति शेयर था और
आईपीओ फंड का उपयोग
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस का ₹7,278. 76 करोड़ का आईपीओ 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ के तहत ₹2,150 और 74 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि ₹2 की फेस वैल्यू वाले 12,75,62,573 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बेचे गए हैं। ऑफर फॉर सेल से जुटाया गया पैसा शेयर बेचने वाले फाउंडर शेयरहोल्डर्स जैसे सॉफ्टबैंक और टेमासेक को मिलेगा। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का उपयोग कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं और परिचालन सुधारों के लिए करेगी।
विस्तार और प्रौद्योगिकी में निवेश
नए शेयरों से जुटाए गए ₹2,150 और 74 करोड़ में से, कंपनी ₹272. 62 करोड़ का उपयोग नए कोको स्टोर बनाने के लिए करेगी और इसके अतिरिक्त, ₹591. 44 करोड़ कोको स्टोर्स के लीज/रेंट/लाइसेंस एग्रीमेंट के लिए आवंटित किए गए हैं, जो कंपनी की रिटेल फुटप्रिंट को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। प्रौद्योगिकी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए ₹213 और 38 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जो कंपनी के डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
मार्केटिंग और अन्य उद्देश्य
कंपनी अपनी ब्रांड पहचान और बाजार पहुंच को बढ़ाने के लिए मार्केटिंग गतिविधियों पर भी महत्वपूर्ण निवेश करेगी। इसके लिए ₹320. 06 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। शेष राशि का उपयोग अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी को भविष्य में रणनीतिक विकास के अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। यह फंड आवंटन कंपनी की दीर्घकालिक विकास और लाभप्रदता को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
लेंसकार्ट की कारोबारी स्थिति और वित्तीय सेहत
वर्ष 2008 में स्थापित, लेंसकार्ट एक प्रमुख आईवियर कंपनी है जिसकी भारत के मेट्रो, टियर-1 और टियर-2 शहरों में मजबूत उपस्थिति है। इसके अलावा, इसका कारोबार दक्षिण पूर्व एशिया और मिडिल ईस्ट में भी फैला हुआ है। मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के भारत में 2,067 स्टोर्स और विदेशों में 656 स्टोर्स हैं और लेंसकार्ट रिमोट आई टेस्टिंग की सुविधा भी प्रदान करती है, जो भारत के साथ-साथ जापान और थाईलैंड सहित भारत के बाहर के 168 स्टोर्स पर 136 ऑप्टोमेट्रिक्स के माध्यम से उपलब्ध है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भिवाड़ी और गुरुग्राम में स्थित हैं, और सिंगापुर तथा यूएई में इसकी क्षेत्रीय सुविधाएं भी हैं। यह देश के 40 शहरों में अगले ही दिन डिलीवरी और 69 शहरों में तीन दिनों में डिलीवरी की सुविधा प्रदान करती है।
वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
लेंसकार्ट की वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी को ₹63 और 76 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹10. 15 करोड़ पर आ गया। यह घाटे में उल्लेखनीय कमी कंपनी के परिचालन दक्षता में सुधार को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025 में, कंपनी ने एक महत्वपूर्ण मोड़ देखा और ₹297. 34 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो इसकी मजबूत वृद्धि और लाभप्रदता की ओर वापसी का संकेत है। इस अवधि के दौरान, कंपनी की कुल आय सालाना 33% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹7,009. 28 करोड़ पर पहुंच गई और चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में भी कंपनी ने ₹61. 17 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹1,946 और 10 करोड़ की कुल आय हासिल की है, जो इसके सकारात्मक वित्तीय प्रक्षेपवक्र को जारी रखता है। जून 2025 के अंत तक, कंपनी पर ₹335. 48 करोड़ का कर्ज था, जबकि इसके पास ₹5,855. 43 करोड़ का रिजर्व और सरप्लस मौजूद था, जो इसकी मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है।