देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली है। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होते ही कंपनी के शेयर 8 फीसदी तक फिसल गए। इस गिरावट के दौरान एलआईसी के शेयरों ने 390 रुपये के इंट्राडे लो यानी निचले स्तर को छू लिया। निवेशकों के बीच इस घबराहट और बिकवाली की मुख्य वजह केंद्र सरकार का एक बड़ा फैसला है, जिसके तहत सरकार कंपनी में अपनी एक बड़ी हिस्सेदारी बेचने जा रही है।
सरकार बेचेगी 6 दशमलव 5 फीसदी हिस्सेदारी
दरअसल, केंद्र सरकार एलआईसी में अपनी 6 दशमलव 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए लगभग 31,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए सरकार ने 'ऑफर फॉर सेल' यानी ओएफएस का रास्ता चुना है। इस ओएफएस की शुरुआत मंगलवार, 4 अगस्त से हो गई है। पहले दिन यह सब्सक्रिप्शन केवल नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए खोला गया है। सरकार इस प्रक्रिया के माध्यम से 82 दशमलव 22 करोड़ से ज्यादा शेयरों को बाजार में बेचने जा रही है।
क्यों क्रैश हुआ एलआईसी का स्टॉक
सरकार की इस योजना से निवेशकों में निराशा का माहौल देखा गया। इसका मुख्य कारण ओएफएस के लिए तय किया गया फ्लोर प्राइस है। सरकार ने ओएफएस के लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो एलआईसी के सोमवार के मार्केट क्लोजिंग प्राइस से लगभग 11 फीसदी कम है। सोमवार को एलआईसी के स्टॉक 424 रुपये 40 पैसे पर बंद हुए थे। सरकार ने मार्केट प्राइस से काफी कम रेट पर ऑफर प्राइस रखा है, जिससे कंपनी के मौजूदा निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया और बीमा कंपनी के स्टॉक टूट गए। इस गिरावट की वजह से कंपनी का मार्केट कैप गिरकर 5 लाख 3 हजार करोड़ रुपये रह गया है।
सेबी के नियमों का पालन है जरूरी
अभी केंद्र सरकार के पास एलआईसी की लगभग 96 दशमलव 5 फीसदी हिस्सेदारी है। मई 2022 में इस बीमा कंपनी ने आईपीओ के जरिए बाजार में एंट्री की थी। अब सरकार 6 दशमलव 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर मिनिमम पब्लिक शेयर होल्डिंग के नियमों को पूरा करना चाहती है। सेबी के नियमों के मुताबिक, 16 मई 2027 तक एलआईसी को कम से कम 10 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग हासिल करना अनिवार्य है। इसी लक्ष्य को तय समय में हासिल करने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें
यह ऑफर फॉर सेल 4 अगस्त से दो दिनों के लिए खुला है। पहले दिन यानी मंगलवार को एलआईसी में 2 दशमलव 5 फीसदी हिस्सेदारी के लिए केवल नॉन-रिटेल निवेशकों को बोली लगाने का मौका मिलेगा। आम यानी रिटेल निवेशकों के लिए यह मौका बुधवार, 5 अगस्त को खुलेगा। सरकार ने इस ओएफएस के लिए जो 382 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया है, वह निवेशकों के लिए सस्ते में शेयर खरीदने का एक अवसर भी हो सकता है, हालांकि बाजार की मौजूदा प्रतिक्रिया नकारात्मक रही है।