मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है और कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका जताई है। हालांकि, केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए पर्याप्त स्टॉक और रणनीतिक भंडार मौजूद हैं।
घरेलू एलपीजी आपूर्ति और सरकारी प्राथमिकता
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, लेकिन घरेलू वितरण नेटवर्क को इस तरह से व्यवस्थित किया गया है कि आम नागरिकों को कठिनाई न हो। सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिए हैं कि वे घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को औद्योगिक उपयोग से ऊपर प्राथमिकता दें और वर्तमान में देश में इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के करोड़ों उपभोक्ता हैं। अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति में किसी भी संभावित कमी से निपटने के लिए वैकल्पिक आयात मार्गों और दीर्घकालिक अनुबंधों पर काम किया जा रहा है, ताकि वैश्विक तनाव का सीधा असर भारतीय रसोई पर न पड़े।
बुकिंग नियमों में बदलाव और 25 दिन की अवधि
उपभोक्ताओं के लिए हाल ही में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच के अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि एक सिलेंडर की डिलीवरी प्राप्त करने के बाद, उपभोक्ता अगले 25 दिनों तक दूसरी बुकिंग नहीं कर पाएंगे। इस नियम का उद्देश्य सिलेंडर की जमाखोरी को रोकना और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से गैस की पहुंच सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस बदलाव के बाद कुछ क्षेत्रों में डिलीवरी चक्र में मामूली देरी की खबरें आई हैं, जिसे तेल कंपनियां तकनीकी और लॉजिस्टिक सुधारों के जरिए हल करने का प्रयास कर रही हैं।
इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए शिकायत और सहायता
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के तहत आने वाली इंडेन गैस के उपभोक्ताओं के लिए कंपनी ने एक सुव्यवस्थित शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित की है और यदि किसी उपभोक्ता को बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में 48 घंटे से अधिक की देरी होती है या वितरक द्वारा अतिरिक्त शुल्क की मांग की जाती है, तो वे आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 18002333555 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडेन ने व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी है। उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 7718955555 पर कॉल करके अपनी बुकिंग की स्थिति जान सकते हैं और वितरण संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकते हैं।
भारत गैस और एचपी गैस के आधिकारिक संपर्क सूत्र
भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने भी अपने ग्राहकों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। भारत गैस के उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अनियमितता या देरी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800224344 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, भारत गैस का आधिकारिक बुकिंग नंबर 7715012345 भी शिकायतों के लिए उपयोग किया जा सकता है। वहीं, एचपी गैस के ग्राहकों के लिए टोल-फ्री नंबर 18002333555 उपलब्ध है। एचपी गैस ने 'HP Anytime' सेवा के तहत 9493602222 नंबर जारी किया है, जहां उपभोक्ता 24 घंटे अपनी शिकायतें और फीडबैक दर्ज करा सकते हैं।
डीलर की मनमानी और अधिक वसूली पर कार्रवाई के प्रावधान
तेल विपणन कंपनियों के नियमों के अनुसार, गैस वितरक (डीलर) निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूल नहीं कर सकते हैं। यदि कोई डीलर डिलीवरी चार्ज के नाम पर या किसी अन्य बहाने से अतिरिक्त पैसों की मांग करता है, तो यह विपणन अनुशासन दिशानिर्देशों (MDG) का उल्लंघन माना जाता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा आधिकारिक रसीद में अंकित राशि का ही भुगतान करें। शिकायत प्राप्त होने पर, कंपनियां संबंधित एजेंसी की जांच करती हैं और दोषी पाए जाने पर डीलर का लाइसेंस रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जाती है। पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा दे रही है।