सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 सितंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में इजाफा करने का फैसला किया है। कीमतों में यह बदलाव महीने की पहली तारीख को हुआ है, जिससे कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है। ताजा जानकारी के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 9 रुपये 50 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी उन सभी प्रतिष्ठानों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकती है जो अपनी दैनिक गतिविधियों के लिए भारी मात्रा में गैस का उपयोग करते हैं।
प्रमुख शहरों में नई कीमतें
नई दरों के लागू होने के बाद, देश के प्रमुख शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बदल गए हैं। दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत अब 2747 रुपये 50 पैसे हो गई है, जो पहले 2738 रुपये थी। इसी तरह, चेन्नई में सिलेंडर की कीमत 2906 रुपये से बढ़कर 2916 रुपये 50 पैसे हो गई है। स्थानीय टैक्स और अन्य लागू शुल्कों के आधार पर अलग-अलग शहरों में इन कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा सकता है। हालांकि प्रति सिलेंडर 9 रुपये 50 पैसे की बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं लग सकती है, लेकिन जो कमर्शियल जगहें एक दिन में कई सिलेंडर इस्तेमाल करती हैं, उनके लिए महीने का फ्यूल का खर्च काफी बढ़ सकता है।
व्यवसायों और रेस्तरां पर असर
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर रेस्तरां, होटलों, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानें, बेकरी और मिठाई की दुकानें 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती हैं। त्योहारी मौसम के करीब होने के कारण, जब मिठाइयों और बाहर खाने की मांग बढ़ जाती है, तब ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि ऑपरेटिंग खर्चों को बढ़ा सकती है। इसका अंतिम असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है, क्योंकि रेस्तरां का खाना और मिठाइयां महंगी हो सकती हैं। कमर्शियल कुकिंग फ्यूल की कीमतों में लगातार होने वाले बदलाव व्यवसायों की वित्तीय योजना को प्रभावित करते हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत
2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम घरों के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। हाल के महीनों में जहां कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कई बार उतार-चढ़ाव देखा गया है, वहीं घरेलू एलपीजी की दरें काफी हद तक स्थिर रही हैं। यह स्पष्ट है कि ताजा बढ़ोतरी केवल कमर्शियल श्रेणी के लिए ही लागू की गई है, जिससे घरों को फिलहाल बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिली है।
बाजार का रुझान और समीक्षा प्रक्रिया
1 सितंबर से हुई यह बढ़ोतरी पिछले महीनों में कीमतों में हुई भारी कटौती के बाद आई है। अगस्त में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में काफी कमी की थी, और उससे पहले जुलाई में भी कीमतें घटाई गई थीं और इस लिहाज से, 9 रुपये 50 पैसे की यह हालिया बढ़ोतरी पहले की गई बड़ी कटौतियों के बाद एक छोटा सा समायोजन मानी जा रही है। स्रोत के अनुसार, वर्ष 2026 में कमर्शियल एलपीजी की दरों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। तेल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों के आधार पर एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ग्राहकों और बिजनेस मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर के हिसाब से लागू दर जरूर देख लें, क्योंकि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में स्थानीय करों के कारण कीमतें भिन्न हो सकती हैं।