मदन राठौड़ का बड़ा आरोप: धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए आया विदेशी फंड, राहुल गांधी पर साधा निशाना

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मदन राठौड़ का बड़ा आरोप: धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए आया विदेशी फंड, राहुल गांधी पर साधा निशाना
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार, 22 जुलाई को राजनीतिक सरगर्मी उस समय बढ़ गई जब भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी द्वारा दिए गए धरने के विरोध में बीजेपी ने जयपुर में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने किया। बीजेपी कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय तक निकाले गए इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए और कांग्रेस व राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विदेशी फंडिंग और सुनियोजित साजिश का आरोप

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए और उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने के लिए विदेशों से फंड जुटाया गया है। राठौड़ ने कहा कि इस बात की गहन जांच की जा रही है कि यह पैसा कहां से आया और कितनी मात्रा में मिला। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने पर सारा सच जनता के सामने आ जाएगा। राठौड़ के अनुसार, विपक्ष जानबूझकर शिक्षा मंत्री को निशाना बना रहा है क्योंकि वे शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव कर रहे हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।

कश्मीर और बिहार से पत्थरबाज बुलाने का दावा

मदन राठौड़ ने अपने संबोधन में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के नाम पर विपक्ष द्वारा चलाया गया आंदोलन एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संसद की कार्यवाही में बाधा डालने और हिंसा फैलाने के लिए कश्मीर और बिहार से भाड़े के पत्थरबाजों को बुलाया था। राठौड़ ने यह भी दावा किया कि इस आंदोलन के दौरान "पाकिस्तान जिंदाबाद" और अफजल गुरु के समर्थन में देश विरोधी नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि बीजेपी इन घटनाओं का सच जनता के सामने लाकर रहेगी।

शिक्षा सुधारों पर धर्मेंद्र प्रधान की सराहना

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा पद्धति में क्रांतिकारी सुधार किए हैं। राठौड़ ने कहा कि पहले देश में "अकबर महान" पढ़ाया जाता था, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, इतिहास और लोकनायकों को पाठ्यक्रम में उचित स्थान दिया है। अब छात्र महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, तेजाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और देवनारायण जैसे महापुरुषों की जीवनी पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को डर है कि इससे देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पैदा हो जाएगा, इसलिए वे शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं।

अशोक गहलोत सरकार पर तीखा पलटवार

मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के दौरान राजस्थान में 17 बार पेपर लीक हुए और 2 बार यूनिवर्सिटी के पेपर लीक हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कुल मिलाकर 19 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, तब अशोक गहलोत ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? राठौड़ ने आंदोलन के दौरान महिला मीडिया कर्मियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार की भी कड़ी निंदा की और इसे सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य बताया। उन्होंने अंत में कहा कि राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास पर धरना देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

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