मेजर नव्या शेखावत: राष्ट्रपति की एडीसी बनने वाली भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी

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मेजर नव्या शेखावत: राष्ट्रपति की एडीसी बनने वाली भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी
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शेखावाटी की बेटी मेजर नव्या शेखावत ने भारतीय सेना में एक नई मिसाल कायम की है। सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के केरपुरा गांव की रहने वाली मेजर नव्या को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की एडीसी (Aide-de-Camp) नियुक्त किया गया है और वह राष्ट्रपति की एडीसी बनने वाली भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी हैं। हालांकि, एडीसी बनने वाली महिला अधिकारियों की सूची में वह दूसरी हैं। उनसे पहले भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी वर्ष 2025 में राष्ट्रपति की एडीसी बनी थीं। मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति जुलाई 2026 में हुई है और अब वह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले आधिकारिक कार्यक्रमों और समारोहों के दौरान राष्ट्रपति के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

सेना में तीसरी पीढ़ी की गौरवशाली पहचान

मेजर नव्या का परिवार पीढ़ियों से देश सेवा और भारतीय सेना से जुड़ा रहा है। उनके दादा भंवर सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं, उनके पिता ग्रुप कैप्टन करण सिंह शेखावत वर्तमान में भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाली नव्या ने भी सेना को ही अपना करियर चुना। अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंचकर उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ अपने गांव केरपुरा और पूरे सीकर जिले का नाम रोशन किया है।

सीडीएस परीक्षा और ओटीए चेन्नई में प्रशिक्षण

मेजर नव्या ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज यानी सीडीएस परीक्षा पास की थी। इसके बाद उनका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन वूमेन नॉन टेक्निकल कोर्स के लिए हुआ। उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में अपना कठिन सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया। उनका नाम सीडीएस-I 2020 की महिला मेरिट लिस्ट में भी शामिल था। अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, नव्या को वर्ष 2021 में भारतीय सेना के आर्मी सर्विस कॉर्पस (ASC) में कमीशन मिला। आर्मी सर्विस कॉर्पस सेना की सप्लाई, परिवहन और अन्य लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है। अपने लगभग 5 साल के सैन्य करियर में वह मेजर के पद तक पहुंचीं और इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति की एडीसी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

क्या होती है राष्ट्रपति के एडीसी की जिम्मेदारी?

एडीसी एक सैन्य अधिकारी होता है जो राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों में उनकी सहायता करता है। वह राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों, सैन्य प्रोटोकॉल और समन्वय से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रपति के सैन्य स्टाफ में परंपरागत रूप से कुल 5 एडीसी होते हैं। इनमें से 3 अधिकारी भारतीय थल सेना से, 1 नौसेना से और 1 वायुसेना से नियुक्त किए जाते हैं। राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समारोहों के दौरान ये अधिकारी प्रोटोकॉल और समन्वय की पूरी जिम्मेदारी संभालते हैं।

महिला अधिकारियों के लिए नया अध्याय

राष्ट्रपति की एडीसी के पद पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति की शुरुआत वर्ष 2025 में हुई थी। भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी पहली महिला अधिकारी बनी थीं, जिन्होंने राष्ट्रपति की एडीसी की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके बाद अब मेजर नव्या शेखावत भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी बनी हैं, जिन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ है। सीकर जिले के एक छोटे से गांव केरपुरा से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का नव्या का यह सफर उनकी कड़ी मेहनत और सेना के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। वर्ष 2021 में कमीशन प्राप्त करने से लेकर 5 साल के भीतर मेजर बनने और फिर एडीसी नियुक्त होने तक का उनका यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

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