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मारुति सुजुकी ने पेश की देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार वैगनआर बायोफ्लेक्स

मारुति सुजुकी ने पेश की देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार वैगनआर बायोफ्लेक्स
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मारुति सुजुकी ने गुरुवार को भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार को आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है। कंपनी का स्पष्ट मानना है कि यह कार भारत की विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही, यह वाहन पर्यावरण प्रदूषण को घटाने में भी एक बड़ी और प्रभावी भूमिका निभाएगा। इस तकनीक का आगमन भारत के परिवहन क्षेत्र के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है।

ऊर्जा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत

इस विशेष लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान मारुति सुजुकी के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने अपने संबोधन में कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर सिर्फ एक नई कार मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बिल्कुल नए अध्याय की शुरुआत है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और इन मंत्रियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस तकनीक को राष्ट्रीय स्तर पर कितनी गंभीरता से ले रही है।

क्लीन एनर्जी सेगमेंट में मारुति का दबदबा

वर्तमान में भारतीय कार बाजार के क्लीन एनर्जी सेगमेंट में मारुति सुजुकी की स्थिति बेहद मजबूत है और कंपनी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से भी अधिक है। अब नई वैगनआर बायोफ्लेक्स को बाजार में उतारकर कंपनी ने एक बिल्कुल नए सेगमेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और कंपनी को पूरा भरोसा है कि इस नई तकनीक के आने से बाजार में उनका वर्चस्व और अधिक बढ़ेगा। यह कार ऐसे समय में पेश की गई है जब भारत सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को लगातार बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इंजन और तकनीकी विशिष्टताएं

इस कार की सबसे बड़ी खासियत इसका इंजन है और कंपनी ने इंजन और उससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण हिस्सों में व्यापक तकनीकी बदलाव किए हैं ताकि यह ई85 पेट्रोल पर सुचारू रूप से चल सके। यहां ई85 पेट्रोल का तात्पर्य 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण से है। इंजन में किए गए ये तकनीकी सुधार इस कार को भविष्य की जरूरतों के लिए पूरी तरह तैयार बनाते हैं। उल्लेखनीय है कि सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियां पहले ही फ्लेक्स-फ्यूल से चलने वाली मोटरसाइकिलें बाजार में ला चुकी हैं, लेकिन कारों के क्षेत्र में मारुति सुजुकी यह तकनीक लाने वाला देश का पहला ब्रांड बन गया है।

डिजाइन और बाहरी बनावट

अगर डिजाइन की बात करें तो मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल दिखने में बिल्कुल वैसी ही है जैसा कि वर्तमान में बिकने वाला सामान्य मॉडल है। बाहरी बनावट में कोई बड़ा ढांचागत बदलाव नहीं किया गया है। पहचान के लिए कार के पिछले हिस्से पर बायोफ्लेक्स लिखा गया है, जो इसे सामान्य मॉडल से अलग पहचान देता है। इसके अलावा कार के किनारों पर नए बॉडी ग्राफिक्स और स्टिकर लगाए गए हैं। कार के केबिन या आंतरिक हिस्से में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे ग्राहकों को वही पुराना और भरोसेमंद अनुभव मिलता रहेगा।

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