इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजराइली बमबारी के साथ शुरू हुई यह जंग अब पूरे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) क्षेत्र में फैल गई है। आधिकारिक रिपोर्टों और स्थानीय मीडिया के आंकड़ों के अनुसार, इस भीषण संघर्ष में अब तक अलग-अलग देशों में 1600 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इस युद्ध का सबसे अधिक प्रभाव ईरान और लेबनान पर देखा जा रहा है, जहां हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
ईरान में भारी तबाही और हताहतों का विवरण
ईरान पर इजराइल और अमेरिका द्वारा की गई तेज बमबारी के परिणामस्वरूप देश में मानवीय संकट गहरा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान में अब तक कम से कम 1332 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। बमबारी के कारण ईरान के कई शहरों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह बमबारी मुख्य रूप से रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी, लेकिन इसके प्रभाव से रिहायशी इलाकों में भी जान-माल का नुकसान हुआ है।
लेबनान और इजराइल में संघर्ष की स्थिति
युद्ध की आग केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी देश लेबनान भी इसकी चपेट में है। इजराइली हमलों में लेबनान में अब तक 394 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, करीब 1000 लोग इन हमलों में घायल हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों में इजराइल के भीतर भी नुकसान हुआ है। इजराइल में अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत की खबर है और दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। ईरान ने इन हमलों के लिए मिसाइलों और ड्रोन्स का उपयोग किया है।
खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान ने अपने ऊपर हुए हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उन इमारतों को निशाना बनाया है जिनका उपयोग अमेरिकी एजेंसियां करती हैं। जंग की शुरुआत से अब तक ईरान ने लगभग 10 देशों पर हमले किए हैं। इन हमलों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 23 लोगों की मौत हुई है और 78 लोग घायल हुए हैं। कुवैत में 4 लोगों की मौत और 35 के घायल होने की खबर है। जॉर्डन में 5 लोगों की जान गई है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है और 18 अन्य घायल हुए हैं।
क्षेत्रीय देशों में हताहतों के अन्य आंकड़े
मध्य पूर्व के अन्य देशों में भी इस संघर्ष का असर देखा जा रहा है। इराक में 2 लोगों की मौत और 7 घायल हुए हैं, जबकि ओमान और बहरीन में 1-1 व्यक्ति की जान गई है। कतर में हमलों के दौरान 16 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, साइप्रस और सऊदी अरब पर भी हमले किए गए हैं, लेकिन वहां से फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। ईरान की ओर से जारी इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ईरान की यूरोपीय देशों को सख्त चेतावनी
सैन्य कार्रवाई के बीच ईरान ने कूटनीतिक स्तर पर भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने यूरोपीय देशों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि यूरोपीय देश इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल का समर्थन करते हैं, तो वे भी ईरान की जवाबी कार्रवाई के सीधे निशाने पर आ जाएंगे। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।