किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. विकास चौधरी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अजमेर जिले के किसानों की वर्तमान दयनीय स्थिति और कृषि उपज मंडियों में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। विधायक ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद की सुविधा प्रदान करने, प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल खराबे का उचित मुआवजा दिलाने और मंडियों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है।
प्राकृतिक आपदा और मुआवजे का अभाव
विधायक डॉ. विकास चौधरी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि अजमेर जिले के किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और फसलों में लगने वाले रोगों के कारण कृषि उत्पादन पर व्यापक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पत्र के अनुसार, एक ओर जहां प्रकृति के प्रकोप से फसलें बर्बाद हुई हैं, वहीं दूसरी ओर बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को अब तक फसल खराबे का उचित और समयबद्ध मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद में प्रशासनिक बाधाएं
किसानों की समस्याओं का विवरण देते हुए विधायक ने बताया कि पूरे जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खरीद केंद्र प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से रूपनगढ़ तहसील का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वहां टोकन पंजीकरण के लिए पोर्टल महज 3 घंटे के लिए खोला गया और फिर बंद कर दिया गया। इस अल्प समयावधि के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज का पंजीकरण कराने से वंचित रह गए हैं। विधायक के अनुसार, खरीद केंद्रों की इस अव्यवस्था के कारण किसान अपनी उपज को सरकारी दरों पर बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
किशनगढ़ कृषि मंडी में बुनियादी ढांचे की कमी
विधायक ने किशनगढ़ कृषि मंडी के अपने हालिया निरीक्षण के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वहां उपज की भारी आवक के बावजूद पर्याप्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हैं। प्लेटफॉर्म की कमी के कारण किसानों को अपनी कीमती फसल खुले आसमान के नीचे रखने पर विवश होना पड़ रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण खुले में रखा अनाज भीग गया, जिससे किसानों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि मंडी में उचित मूल्य न मिलने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण किसानों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है।
सरकार से की गई प्रमुख मांगें
डॉ. विकास चौधरी ने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश में एमएसपी पर फसलों की खरीद प्रक्रिया को तुरंत और सुचारू रूप से शुरू किया जाए। साथ ही, फसल खराबे के लंबित मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बीमा कंपनियों को निर्देशित किया जाए। विधायक ने कृषि मंडियों की स्थिति सुधारने के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज जारी करने का प्रस्ताव दिया है ताकि वहां प्लेटफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
टकराव टालने और सुचारू व्यवस्था की अपील
विधायक ने पत्र के अंत में इस बात पर जोर दिया है कि मंडियों में व्यवस्थाओं को इस प्रकार सुधारा जाए जिससे किसानों और व्यापारियों के बीच किसी भी प्रकार के टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि किसानों को उनकी मेहनत का सम्मानजनक और उचित मूल्य दिलाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विधायक ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार इन संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगी।