मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। यह फैसला पूरी तरह से सुरक्षा कारणों और उनकी जान पर मंडरा रहे खतरों को देखते हुए लिया गया है। इस महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने की है। इलाही के अनुसार, इजरायल की ओर से मिल रही लगातार धमकियों और निगरानी के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होना सुरक्षित नहीं माना गया है। इसी वजह से उन्होंने इस दुखद घड़ी में भी समारोह से दूर रहने का कठिन निर्णय लिया है।
इजरायल की धमकियां और ईरान की कड़ी चेतावनी
सुरक्षा की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कथित तौर पर सोमवार को एक बड़ा बयान दिया। काट्ज ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इजरायल के निशाने पर हैं और वे मौत के घेरे में हैं। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर तंज कसते हुए उन्हें अच्छे व्यापारी बताया जो बातचीत के दौरान रियायतें हासिल करने की कोशिश करते हैं। काट्ज ने यह भी दोहराया कि इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा और उन्होंने कहा कि अगर यह किसी समझौते के जरिए हो जाए तो बेहतर है, अन्यथा सैन्य विकल्प खुले हैं। इस सीधे खतरे ने ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बुधवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने सहयोगी इजरायल को नियंत्रित करें। अरागची ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि इस्लामाबाद MoU की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं और सभी के सामने हैं और उन्होंने याद दिलाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल अवीव में अपने सहयोगियों को नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता जताई है। अरागची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वे उनकी बात नहीं मानते हैं तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा और उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे लोगों और हमारे नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी का तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
राजनयिक प्रयास और 14 सूत्रीय MoU पर प्रगति
तनाव के इस माहौल के बीच राजनयिक स्तर पर भी हलचल जारी है। इससे पहले 1 जुलाई को कतर और पाकिस्तान ने दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग महत्वपूर्ण बैठकें की थीं। इन बैठकों में 14 सूत्रीय MoU से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति होने की जानकारी दी गई है। कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने X पर बताया कि सभी पक्षों ने बातचीत को आगे जारी रखने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अगली बैठक की तारीख जल्द ही तय की जाएगी।
अंतिम संस्कार का कार्यक्रम और अली खामेनेई की मृत्यु का संदर्भ
ईरानी अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम ईरान और इराक के अलग-अलग पवित्र और महत्वपूर्ण स्थानों पर होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को हुई थी। उनकी मौत अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के पहले दिन हुए एक हवाई हमले में हुई थी और मोजतबा खामेनेई का इन 5 दिनों के कार्यक्रमों से दूर रहना यह दर्शाता है कि ईरान अपने नए नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है और इजरायली खुफिया एजेंसी व सैन्य हमलों के खतरे को कितना वास्तविक मान रहा है।