भारतीय शेयर बाजार, बीएसई और एनएसई, संवत 2083 की शुरुआत रविवार को यानी आज दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक एक घंटे का विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेंगे। इसपर विस्तार से चर्चा करते हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की दशकों पुरानी परंपरा है और मुहूर्त ट्रेडिंग में सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक होगी। दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक मुहूर्त ट्रेडिंग का क्लोजिंग प्रोसेस शुरू होगा।
दिवाली के मौके पर शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा निवेशकों के लिए बेहद खास होती है और यह सिर्फ एक घंटे का कारोबार नहीं, बल्कि नए हिंदू संवत की शुरुआत पर शुभ निवेश करने का अवसर भी माना जाता है। साल 2026 में शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग के जरिए संवत 2083 का स्वागत किया जाएगा। वैसे इस बार यह मुहूर्त ट्रेडिंग एक हफ्ते की जबरदस्त तेजी के बाद शुरू हो रही है। पिछले हफ्ते सेंसेक्स में 6569 अंकों की भारी उछाल देखने को मिला। निफ्टी में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस जोरदार तेजी की बदौलत, सिर्फ एक हफ्ते में बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 29 लाख करोड़ रुपये जुड़ गए, जिससे यह 500 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के पार पहुंच गया।
इस विशेष कारोबारी सत्र में निवेशक शेयर, डेरिवेटिव और अन्य उपलब्ध सेगमेंट में ट्रेडिंग कर सकते हैं। सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में इस सत्र का समय और ट्रेडिंग से जुड़े नियम अलग होते हैं। इसलिए अगर आप भी मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले इसका समय, ट्रेडिंग का तरीका और जरूरी सावधानियां समझ लेना बेहतर होगा।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का समय और शेड्यूल
बीएसई और एनएसई के मुताबिक, 8 नवंबर 2026 (रविवार) को यानी आज मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन होगा। इस बार इक्विटी मार्केट में कारोबार के लिए निवेशकों को एक घंटे का समय मिलेगा।
- प्री-ओपन सेशन दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से 2 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।
- सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक होगी।
- क्लोजिंग ऑक्शन की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर होगी।
- क्लोजिंग प्रोसेस दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक चलेगा।
इस दौरान निवेशक अपने ब्रोकर के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए शेयर खरीदने और बेचने के ऑर्डर लगा सकते हैं।
क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग और इसकी शुरुआत कब हुई?
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की दशकों पुरानी परंपरा है और इसकी शुरुआत बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 1957 में हुई थी। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने भी 1992 से इस परंपरा को जारी रखा। दरअसल, हिंदू मान्यताओं के मुताबिक दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करके नए काम की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के तहत निवेशक भी नए संवत की शुरुआत पर शेयर बाजार में खरीदारी करते हैं।
पहले इस मौके पर ब्रोकर अपनी अकाउंट बुक यानी बही-खातों की पूजा करते थे, जिसे चोपड़ा पूजन कहा जाता है। आज भी कई निवेशक इस दिन प्रतीकात्मक तौर पर शेयर खरीदकर नए वित्त वर्ष की शुरुआत करते हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग में कैसे करें शेयरों की खरीदारी?
अगर आप पहली बार मुहूर्त ट्रेडिंग में हिस्सा लेने जा रहे हैं, तो इसके लिए कोई अलग ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की जरूरत नहीं है और आप अपने मौजूदा डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट से ही कारोबार कर सकते हैं।
- ब्रोकर के ऐप पर लॉगिन करें: अपने मौजूदा ट्रेडिंग अकाउंट में लॉगिन करके उपलब्ध शेयरों की लिस्ट देखें।
- शेयर का चुनाव करें: बिना सोचे-समझे किसी भी शेयर में पैसा लगाने के बजाय कंपनी के बिजनेस, वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को समझें।
- लिमिट ऑर्डर का इस्तेमाल करें: शेयर खरीदते समय अपनी पसंद की कीमत तय करने के लिए लिमिट ऑर्डर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- निवेश की रकम तय करें: मुहूर्त ट्रेडिंग के उत्साह में अपनी क्षमता से ज्यादा पैसा निवेश करने से बचें।
- लंबी अवधि का नजरिया रखें: केवल शुभ दिन होने के कारण किसी शेयर में निवेश करना सही रणनीति नहीं है। निवेश का फैसला कंपनी की गुणवत्ता और वैल्यूएशन के आधार पर करें।
मुहूर्त ट्रेडिंग में कैसी होनी चाहिए निवेश की रणनीति?
रिलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ रिसर्च अजीत मिश्रा ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि बाजार का आउटलुक फिलहाल सतर्कता के साथ सकारात्मक दिखाई दे रहा है। हालांकि, हालिया तेजी के बाद बाजार में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। उनका मानना है कि निवेशकों को मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चुनिंदा निवेश करना चाहिए। खासतौर पर अच्छी कमाई की संभावनाओं और मजबूत बिजनेस मॉडल वाली बड़ी कंपनियों पर ध्यान देना बेहतर हो सकता है।
वहीं, मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि मुहूर्त ट्रेडिंग को शॉर्ट टर्म सट्टेबाजी के बजाय लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से देखना चाहिए। उनके मुताबिक, निवेशकों को बाजार की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। लिमिट ऑर्डर का इस्तेमाल करना और धीरे-धीरे निवेश करना समझदारी भरा कदम हो सकता है।
क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में शेयर बाजार में तेजी की गारंटी होती है?
नहीं। मुहूर्त ट्रेडिंग को शुभ शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस दिन खरीदे गए शेयरों से मुनाफा होना तय है। इस विशेष सत्र में आमतौर पर कारोबार की मात्रा कम रहती है। इसलिए सीमित खरीदारी-बिक्री के कारण शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है और विशेषज्ञों का कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार में तेजी आने को अगले कारोबारी सत्रों में लगातार तेजी का संकेत नहीं मानना चाहिए।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
केवल दिवाली के उत्साह में शेयर न खरीदें। कंपनी के फंडामेंटल और वैल्यूएशन की जांच करें। एक घंटे के सत्र में तेजी से मुनाफा कमाने की कोशिश न करें। बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए लिमिट ऑर्डर लगाएं। निवेश को एक साथ लगाने के बजाय चरणों में निवेश करने पर विचार करें। ट्रेडिंग के बाद अपने ऑर्डर और सेटलमेंट की जानकारी जरूर जांचें।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 निवेशकों के लिए संवत 2083 की शुरुआत करने का एक खास मौका है। इस बार 8 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक शेयर बाजार में विशेष कारोबार होगा। हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व परंपरा और शुभ शुरुआत से जुड़ा है, न कि निश्चित मुनाफे से। इसलिए नए संवत में निवेश की शुरुआत मजबूत कंपनियों, सही वैल्यूएशन और लंबी अवधि की रणनीति के साथ करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.