भारत ने 19 फरवरी 2026 को वॉशिंगटन डीसी में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली औपचारिक बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में शिरकत की। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास की प्रभारी राजनयिक (Charge d’Affaires) नामग्या खम्पा ने किया। यह बैठक डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वैश्विक संघर्षों को सुलझाने और गाजा में स्थिरता लाने के उद्देश्य से गठित किए गए बोर्ड की पहली बड़ी गतिविधि थी। भारत ने इससे पहले 22 जनवरी 2026 को दावोस में आयोजित उस समारोह में भाग नहीं लिया था, जहां इस बोर्ड को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था।
नमग्या खम्पा का करियर और वर्तमान भूमिका
नामग्या सी और खम्पा भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2000 बैच की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। फरवरी 2026 से वह वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में चार्ज डी’अफेयर्स और डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में कार्यरत हैं। इस महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए वह राजदूत की अनुपस्थिति में भारतीय मिशन का नेतृत्व करती हैं और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के रणनीतिक पहलुओं की देखरेख करती हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक कूटनीति में नए समीकरण बन रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में व्यापक अनुभव
वॉशिंगटन में अपनी वर्तमान भूमिका से पहले नामग्या खम्पा ने केन्या में भारत की उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया था। वहां उन्होंने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया, बल्कि क्षेत्र में भारत की विकास साझेदारी को भी बढ़ावा दिया। 2023 में केन्या में रहते हुए उन्हें सोमालिया में भारत की राजदूत के रूप में भी मान्यता दी गई थी। इससे पहले उन्होंने नेपाल की राजधानी काठमांडू में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं, जो भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पद माना जाता है।
चीन और संयुक्त राष्ट्र में महत्वपूर्ण सेवाएं
खम्पा के पास चीन के साथ कूटनीतिक संबंधों का भी गहरा अनुभव है। उन्होंने 2002-2006 और 2013-2016 के दौरान दो अलग-अलग कार्यकालों में चीन में भारतीय राजनयिक मिशन में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अतिरिक्त, 2009-2013 तक वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में तैनात रहीं। इस दौरान उन्हें 2011-2013 के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रशासनिक और बजटीय प्रश्नों पर सलाहकार समिति (ACABQ) का सदस्य चुना गया था। उन्होंने UNDP और UNFPA के कार्यकारी बोर्डों में भी भारत का पक्ष रखा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय में योगदान
नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में नामग्या खम्पा ने अमेरिका, श्रीलंका और म्यांमार जैसे महत्वपूर्ण देशों से संबंधित डेस्क का कार्यभार संभाला है। 2016-2018 के बीच वह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में प्रतिनियुक्ति पर रहीं, जहां उन्होंने नीतिगत स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके बाद 2018-2020 तक उन्होंने विदेश मंत्रालय में विकास साझेदारी प्रभाग का नेतृत्व किया, जिसमें पड़ोसी देशों के साथ भारत की अनुदान सहायता और विकास सहयोग परियोजनाओं का प्रबंधन शामिल था। फिल की शैक्षणिक डिग्री है।
बोर्ड ऑफ पीस का गठन और वैश्विक भागीदारी
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बोर्ड की शुरुआत पिछले महीने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान की थी। इसे संयुक्त राष्ट्र के एक वैकल्पिक मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण और शासन व्यवस्था में सहयोग करना है। वॉशिंगटन में यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में हुई इस पहली बैठक में लगभग 50 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें से 27 देश पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए, जबकि भारत और यूरोपीय संघ जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक खिलाड़ियों ने पर्यवेक्षक के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।