Naresh Meena News: जयपुर के शहीद स्मारक पर पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे नरेश मीणा रविवार को अपने ही समर्थकों पर भड़क उठे। झालावाड़ स्कूल हादसे के पीड़ितों को न्याय और मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर अनशन कर रहे मीणा ने अपने समर्थकों को लात और चांटे मार दिए, जिससे वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
क्या है पूरा मामला?
नरेश मीणा पिछले तीन दिनों से शहीद स्मारक पर झालावाड़ हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर आमरण अनशन पर हैं। रविवार को वह अकेले अनशन स्थल पर बैठे थे, जबकि उनके कुछ समर्थक पास ही एक पेड़ की छांव में बैठ गए। मीणा ने समर्थकों को अपने पास बुलाया, लेकिन जब वे नहीं आए तो गुस्से में उनके पास पहुंचे और उन पर हाथ उठा दिया।
नरेश मीणा का पक्ष
इस घटना पर नरेश मीणा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,
मैं आमरण अनशन पर बैठा हूं, लेकिन मेरे समर्थक पेड़ की छांव में बैठे थे। मैंने उन्हें बार-बार बुलाया, लेकिन वे नहीं उठे। इसके बाद मैंने कुछ को चांटे मारे और कुछ को लात। यही मेरा तरीका है, मैं इसी अंदाज में काम करता हूं।
मीणा ने अपने इस व्यवहार को अपने आंदोलन के प्रति समर्पण और अनुशासन का हिस्सा बताया।
समर्थक ने भी दी सफाई
नरेश मीणा से थप्पड़ खाने वाले समर्थक मुकेश ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा,
आज मेरी गलती थी। मैं पेड़ की छांव में बैठा था। भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। जो लोग इस थप्पड़ को लेकर विवाद खड़ा करना चाहते हैं, वे बेवजह मुद्दा न बनाएं। अगर नरेश मीणा मेरी जान भी ले लें, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी।
मुकेश की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि वह मीणा के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखना चाहते हैं।
नरेश मीणा का विवादित इतिहास
नरेश मीणा का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान उन्होंने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था, लेकिन उनके समर्थकों ने उन्हें छुड़ा लिया था। इसके बाद समरावता गांव में हिंसा भड़क उठी थी, जिसके चलते मीणा को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था।
आगे की योजना
नरेश मीणा ने ऐलान किया है कि वह सोमवार को अपने समर्थकों के साथ जयपुर में मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकालेंगे। उनकी मांग है कि झालावाड़ स्कूल हादसे के पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। इस रैली के दौरान भी उनके आक्रामक रवैये की चर्चा जोरों पर है।