नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर मेडल, यश वीर सिंह की तारीफ की

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नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर मेडल, यश वीर सिंह की तारीफ की
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भारतीय स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पिछले एक साल से फिटनेस की समस्याओं और चोटों से जूझने के बावजूद, नीरज ने मैदान पर अपनी वही पुरानी चमक बिखेरी। इस उपलब्धि के साथ ही नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जैवलिन थ्रो स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं और ग्लासगो में मिली यह सफलता उनके करियर की निरंतरता और जुझारूपन का एक और प्रमाण है।

ऐतिहासिक उपलब्धि और उभरती प्रतिभा

भारत के लिए यह पल और भी खास हो गया क्योंकि पोडियम पर नीरज चोपड़ा के साथ एक और भारतीय खिलाड़ी यश वीर सिंह मौजूद थे, जिन्होंने कांस्य पदक जीता और मेडल जीतने के बाद नीरज ने अपनी खुशी जाहिर की और विशेष रूप से यश वीर सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यश वीर ने इतने बड़े और महत्वपूर्ण मंच पर अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो किया, जो उनकी मेहनत को दर्शाता है। नीरज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पोडियम पर एक साथ खड़ा होना एक शानदार एहसास है और इसने उन्हें एशियन गेम्स की याद दिला दी, जब उन्होंने और किशोर कुमार जेना ने मिलकर पदक जीते थे।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 9वां दिन भारत के लिए पदकों की बौछार लेकर आया। इन दो पदकों के साथ ही भारत की कुल पदक तालिका 23 तक पहुंच गई है। नीरज का सिल्वर और यश वीर का ब्रॉन्ज मेडल भारतीय एथलेटिक्स के बढ़ते दबदबे को दर्शाता है, खासकर जैवलिन थ्रो के क्षेत्र में जहां अब भारत के पास एक से अधिक विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं।

भारतीय जैवलिन के भविष्य पर अटूट भरोसा

नीरज चोपड़ा ने अपनी फिटनेस और वापसी पर बात करते हुए कहा कि उनकी रिकवरी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्लासगो में किया। नीरज ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही जो भारतीय खेलों के भविष्य के लिए उत्साहजनक है।

नीरज ने आगे बताया कि यश वीर अब 85 मीटर के क्लब में शामिल हो गए हैं और रोहित भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देश में जैवलिन थ्रो को लेकर जिस तरह का टैलेंट सामने आ रहा है, उसे देखकर नीरज काफी संतुष्ट और खुश नजर आए और उनका मानना है कि अब भारत इस खेल में केवल एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है, बल्कि हमारे पास एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार हो रही है।

ग्लासगो की चुनौतियां और आगामी लक्ष्य

ग्लासगो के मौसम ने खिलाड़ियों के लिए कुछ मुश्किलें जरूर पैदा कीं। नीरज चोपड़ा ने स्वीकार किया कि वहां की ठंड में प्रदर्शन करना उनके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि उन्हें गर्म मौसम में खेलना ज्यादा पसंद है और ठंड की वजह से उनके प्रदर्शन पर थोड़ा असर पड़ा। नीरज के अनुसार, मेडल इवेंट में उनका केवल एक थ्रो ही उनकी उम्मीदों के मुताबिक रहा, जबकि बाकी थ्रो और भी बेहतर हो सकते थे। अब नीरज का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 है, जिसकी मेजबानी इस बार जापान कर रहा है। खेल प्रेमी एक बार फिर उन्हें वहां गोल्ड मेडल के लिए जोर लगाते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह की इस शानदार सफलता पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों एथलीटों के लिए बधाई संदेश साझा किए। नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि ग्लासगो में पुरुषों की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने शानदार सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने एक बार फिर जबरदस्त निरंतरता, संयम और जज्बा दिखाया है। उनकी यह कामयाबी हर भारतीय को गर्व से भर देती है।

वहीं, 24 साल के युवा खिलाड़ी यश वीर सिंह की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि पुरुषों की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर यश वीर सिंह को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने एक शानदार थ्रो किया, जो उनके जोश और लगन को दर्शाता है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यश वीर की यह उपलब्धि देश के कई अन्य युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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