एशियन गेम्स 2026: भारतीय निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में जीता सिल्वर मेडल

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
एशियन गेम्स 2026: भारतीय निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में जीता सिल्वर मेडल
विज्ञापन

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। निशानेबाजी के मैदान में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना जलवा बिखेरते हुए देश की झोली में पहला पदक डाल दिया है। भारतीय महिला निशानेबाजों की तिकड़ी, जिसमें एलावेनिल वलारिवन, विदरसा विनोद और सोनम मस्कर शामिल हैं, ने 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल यानी रजत पदक अपने नाम किया है। आइची-नागोया में आयोजित हो रहे इन खेलों में भारतीय निशानेबाजी अभियान की यह शुरुआत बेहद प्रभावशाली रही है। इस जीत के साथ ही भारत ने पदक तालिका में अपना खाता खोल लिया है और खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

भारतीय तिकड़ी का शानदार प्रदर्शन और स्कोर

इस प्रतियोगिता में एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद की भारतीय तिकड़ी ने जबरदस्त तालमेल और एकाग्रता का परिचय दिया। भारतीय टीम संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही और कुल 1898 पॉइंट 0 अंक हासिल किए। इन तीनों निशानेबाजों ने अपनी सटीकता से प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी। 1898 पॉइंट 0 का यह स्कोर भारत को रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। निशानेबाजी एक ऐसा खेल है जिसमें भारत को हमेशा से पदक की सबसे अधिक उम्मीदें रहती हैं और इन महिला खिलाड़ियों ने उन उम्मीदों पर खरा उतरते हुए एशियन गेम्स 2026 में भारत की शानदार शुरुआत सुनिश्चित की है।

चीन ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक चीन के खाते में गया। चीनी निशानेबाजों ने न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि एक नया विश्व कीर्तिमान भी स्थापित किया। चीन की टीम ने कुल 1904 पॉइंट 2 का स्कोर खड़ा किया, जो एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है। चीनी खिलाड़ियों के इस असाधारण प्रदर्शन के सामने अन्य टीमें पीछे छूट गईं और भारत और चीन के बीच अंकों का अंतर 6 पॉइंट 2 रहा। चीन के इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता के स्तर को काफी ऊंचा कर दिया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपनी लय बरकरार रखते हुए दूसरा स्थान हासिल करने में सफलता पाई।

जापान को मिला ब्रॉन्ज मेडल

मेजबान देश जापान की टीम भी इस मुकाबले में काफी करीब थी। जापानी निशानेबाजों ने घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए अच्छा प्रदर्शन किया और कुल 1897 पॉइंट 1 का स्कोर बनाया। इस स्कोर के साथ जापान तीसरे स्थान पर रहा और उसे ब्रॉन्ज मेडल यानी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा और भारत और जापान के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जहां भारतीय टीम ने जापान को महज 0 पॉइंट 9 अंकों के मामूली अंतर से पछाड़कर सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। मेजबान देश को उनके घर में हराना भारतीय तिकड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

निशानेबाजी में खुला भारत के पदकों का खाता

एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक भले ही तकनीकी रूप से एमएमए यानी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में पक्का माना जा रहा था, लेकिन आधिकारिक तौर पर पदक जीतने की शुरुआत निशानेबाजी से हुई है। सिल्वर मेडल की इस जीत ने भारतीय खेमे में उत्साह भर दिया है। निशानेबाजी भारत के लिए हमेशा से एक पदक जिताऊ खेल रहा है और इस बार भी खिलाड़ियों से वैसी ही उम्मीदें हैं। एलावेनिल वलारिवन, विदरसा विनोद और सोनम मस्कर की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं और यह तो अभी केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य निशानेबाजी स्पर्धाओं में भी भारत को कई और पदकों की आस रहेगी।

विज्ञापन