विज्ञापन

: नीट पेपर लीक: बॉटनी प्रोफेसर मनीषा 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में, खुलेंगे कई राज

- नीट पेपर लीक: बॉटनी प्रोफेसर मनीषा 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में, खुलेंगे कई राज
विज्ञापन

नीट पेपर लीक मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपी मनीषा मंधारे को आज दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मनीषा को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली मनीषा मंधारे बॉटनी की प्रोफेसर हैं और उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उत्तर प्रदेश के मथुरा के एक होटल से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उन्हें दिल्ली लेकर आई, जहां गहन पूछताछ के बाद उन्हें विशेष सीबीआई जज के सामने पेश किया गया।

एनटीए विशेषज्ञ के रूप में सीधी पहुंच

केंद्रीय जांचकर्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी मनीषा मंधारे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने एक विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था। इस महत्वपूर्ण पद पर होने के कारण उनकी नीट परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी। सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने अपने इस पद का दुरुपयोग किया और गोपनीय जानकारी को बाहर लीक किया। जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगा रही है कि उन्होंने किन-किन लोगों को यह जानकारी साझा की थी।

प्रश्न पत्र के बदले भारी वसूली का आरोप

सीबीआई ने अदालत को सूचित किया कि वर्तमान में एनटीए की पूरी कार्यप्रणाली और प्रक्रिया जांच के दायरे में है। शुरुआती जांच के विवरण से यह संकेत मिलते हैं कि मनीषा मंधारे ने परीक्षा के प्रश्न लीक करने के बदले में छात्रों से बहुत ज्यादा रिश्वत ली थी। एजेंसी का मानना है कि इस पूरे ऑपरेशन में केवल मनीषा ही शामिल नहीं थीं, बल्कि इसमें विभाग के अंदर के लोग, बिचौलिए और ऐसे उम्मीदवार भी शामिल थे जिन्होंने परीक्षा में आने वाले संभावित सवालों के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया था।

मामले का पंजीकरण और आगामी परीक्षा

शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग से शिकायत प्राप्त होने के बाद, सीबीआई ने 12 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर यह मामला दर्ज किया था। इस पेपर लीक कांड के सामने आने के बाद परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में यह परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित की जाएगी। सीबीआई इस समय सीमा के भीतर जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है ताकि सभी दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

अन्य प्रोफेसरों की भूमिका की जांच

इस मामले में केवल मनीषा मंधारे ही एकमात्र संदिग्ध नहीं हैं। जांच के दौरान पीवी कुलकर्णी का नाम भी सामने आया है, जो केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं। कुलकर्णी ने कई वर्षों तक नीट का प्रश्न पत्र तैयार करने वाली विभिन्न समितियों में काम किया था। सीबीआई अब यह जांच कर रही है कि क्या प्रश्न पत्र तैयार करने वाली समितियों के अन्य सदस्यों की भी इस लीक में कोई भूमिका थी। एजेंसी इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

विज्ञापन