नेपाल पीएम बालेन शाह ने विदेशी मदद ठुकराने की खबरों को बताया भ्रामक राहत कार्यों की दी जानकारी

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नेपाल पीएम बालेन शाह ने विदेशी मदद ठुकराने की खबरों को बताया भ्रामक राहत कार्यों की दी जानकारी
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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि नेपाल ने विदेशी सहायता लेने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार पूरी तरह से भ्रामक है। उन्होंने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रही है और बचाव कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत, चीन और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ बचाव और राहत के लिए आवश्यक सामग्री और सहयोग के संबंध में लगातार समन्वय किया जा रहा है।

बचाव कार्यों में सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती

प्रधानमंत्री शाह ने जानकारी दी कि खोज एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 15,431 सुरक्षाकर्मी मैदान में तैनात हैं। इस विशाल टीम में नेपाल पुलिस के 4,473 जवान, नेपाली सेना के 6,755 जवान और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के 4,203 जवान शामिल हैं। ये सभी जवान रसुवा और भोटेकोशी-त्रिशूली कॉरिडोर जैसे सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात काम कर रहे हैं। अब तक की कोशिशों के परिणामस्वरूप 4,451 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इनमें जलविद्युत सुरंगों में फंसे 191 लोग और शुक्रवार को चलाए गए हवाई बचाव अभियान के दौरान निकाले गए 517 लोग भी शामिल हैं।

हवाई और जमीनी राहत अभियान

राहत कार्यों के लिए हवाई मार्ग का व्यापक उपयोग किया जा रहा है और नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के कुल 16 हेलिकॉप्टरों को इस कार्य में लगाया गया है। ये हेलिकॉप्टर धुंचे, त्रिशूली, टिमुरे और स्याफ्रुबेँसी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में लगातार शटल उड़ानें भर रहे हैं। अब तक कुल 99 हवाई उड़ानें पूरी की जा चुकी हैं। बचाव के साथ-साथ राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी तेजी से जारी है। अब तक खाद्य और अन्य आवश्यक सामग्री से भरे 32 ट्रक प्रभावित इलाकों में भेजे गए हैं। इसके अलावा, हेलिकॉप्टर की 6 उड़ानों के जरिए भी राहत सामग्री और संचार उपकरण उन क्षेत्रों में पहुंचाए गए हैं जहां सड़क मार्ग बाधित है।

सुरंगों में बचाव और लापता लोगों की तलाश

सरकार ने सुरंगों में फंसे नागरिकों और कर्मचारियों के बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना और रसुवागढ़ी जलविद्युत केंद्र जैसी जोखिम वाली जगहों पर विशेष बचाव उपकरण तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही, लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान को निचले तटीय क्षेत्रों तक बढ़ा दिया गया है और रसुवा से लेकर नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुँ, चितवन और नवलपरासी तक त्रिशूली-नारायणी नदी कॉरिडोर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि लापता लोगों और शवों की तलाश की जा सके। विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी विशेष कदम उठाए गए हैं और अब तक 129 विदेशी पर्यटकों की पहचान कर उन्हें बचाया गया है।

बुनियादी ढांचे की बहाली और भारत से सहयोग

सड़क संपर्क को फिर से बहाल करना सरकार की बड़ी चुनौती है। काठमांडू-मुग्लिन सड़क को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया है। रसुवा को फिर से सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए वैकल्पिक मार्ग जैसे काठमांडू-टोखा-छहरे-गड्खार पुल-आपरे-नर्जा-लच्यांग-सरमथली-पाटीखर्क होते हुए बोगटीटार-कालिकास्थान-धुंचे तक छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। नियमित सड़क संपर्क को पूरी तरह बहाल करने के लिए भारत से 48 मीटर लंबे 10 बैली ब्रिज उपलब्ध कराने की औपचारिक पहल की गई है। इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्रों में 198 दूरसंचार टावरों में से 145 को फिर से चालू कर दिया गया है और नुवाकोट के 90 प्रतिशत हिस्से में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है।

वित्तीय सहायता और आवश्यक आपूर्ति

राहत कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय संसाधन जुटाए जा रहे हैं। बाढ़ और आपदा से प्रभावित 15 स्थानीय निकायों को तत्काल राहत के लिए कुल 6 करोड़ 75 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप राहत कोष में पिछले 36 घंटों के दौरान 1 अरब 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है। प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों ने अपना एक महीने का वेतन राहत कोष में देने का निर्णय लिया है और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 6 अस्पतालों को स्टैंडबाय पर रखा गया है और 5,000 लोगों के लिए टेंट और आपातकालीन स्वास्थ्य सामग्री भेजी गई है। नुवाकोट में पेयजल के लिए 4 वाटर टैंकर और 900 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर भेजा गया है। ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 41 हजार लीटर डीजल, 24 हजार लीटर पेट्रोल और 17 हजार लीटर विमान ईंधन की व्यवस्था की गई है। अंत में, प्रधानमंत्री ने नेपाली एमएमए खिलाड़ी रवीन्द्र ढाँट को उनकी जीत पर बधाई दी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की स्थिति साझा करने के लिए धन्यवाद दिया।

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