गाजा में ट्रंप की कोशिशों को झटका, नेतन्याहू ने हमास के हथियार डालने तक सेना हटाने से किया इनकार

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गाजा में ट्रंप की कोशिशों को झटका, नेतन्याहू ने हमास के हथियार डालने तक सेना हटाने से किया इनकार
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गाजा में जारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति कोशिशों को एक बड़ा और कड़ा झटका लगा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि इजरायल, गाजा में अपनी मौजूदा जगहों से तब तक पीछे नहीं हटने वाला है जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता। नेतन्याहू के इस कड़े रुख ने न केवल ट्रंप के शांति प्रस्तावों पर सवालिया निशान लगा दिया है, बल्कि जंग खत्म करने की दिशा में की जा रही अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को भी अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है।

ट्रंप प्रशासन के ड्राफ्ट पर नेतन्याहू की असहमति

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप के हालिया शांति प्रस्तावों और घोषणाओं पर अपनी स्पष्ट असहमति व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमास के हथियार छोड़ने वाली जिस डील को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा था, वह इजरायल की शर्तों के अनुरूप नहीं है। नेतन्याहू ने खुलासा किया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से उन्हें एक ड्राफ्ट भेजा गया था, लेकिन इजरायल उस पर सहमत नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह ड्राफ्ट इजरायल द्वारा तैयार नहीं किया गया था। इजरायल ने अपनी राय और अपना पक्ष अमेरिकी प्रशासन को भेज दिया है, और वही उनका अंतिम रुख है। इस बयान ने इजरायली सरकार और अमेरिकी प्रशासन के बीच मौजूद गहरे मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है।

प्रस्तावित डील और सेना की वापसी की शर्तें

शांति के लिए प्रस्तावित इस डील के तहत एक ऐसी प्रक्रिया शुरू होनी थी जिसमें हमास को अपने हथियार डालने थे। इसके बदले में इजरायल को अपने सैन्य हमलों को रोकना था और गाजा के उस 60 प्रतिशत हिस्से से अपनी सेना को पीछे हटाना शुरू करना था, जिस पर वर्तमान में इजरायली फौज का कब्जा है। यह पूरी योजना अक्टूबर में हुए उस युद्धविराम समझौते पर आधारित थी, जिसके माध्यम से बड़े सैन्य अभियानों को रोका गया था और गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ था। हालांकि, अन्य महत्वपूर्ण मोर्चों पर यह डील आगे नहीं बढ़ पाई है, क्योंकि इजरायल का मानना है कि बिना पूर्ण निरस्त्रीकरण के सेना हटाना आत्मघाती हो सकता है।

सुरक्षा चुनौतियां और हमास का पुनरुत्थान

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डोरोन स्पीलमैन ने इस रुख के पीछे के सुरक्षा कारणों को विस्तार से समझाया है। उन्होंने कहा कि इजरायल का यह स्पष्ट आकलन है कि यदि हमास के पूरी तरह हथियार डालने से पहले सेना को हटाया गया, तो हमास बहुत कम समय में पूरे गाजा में अपनी पकड़ फिर से मजबूत कर लेगा। स्पीलमैन के अनुसार, हमास अपने आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने की कोशिश करेगा, जिससे इजरायली बस्तियों और नागरिकों के लिए फिर से गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। इजरायल को डर है कि ऐसी स्थिति में हमास 7 अक्टूबर 2023 जैसे भीषण हमलों को दोबारा दोहराने का प्रयास कर सकता है। इसी सुरक्षा चिंता के कारण नेतन्याहू ने दोहराया है कि इजरायली फौज अपने नागरिकों और अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी और हमास के हथियार डाले बिना पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

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