उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस भीषण सड़क दुर्घटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी ईशान मेहरा की असामयिक मृत्यु हो गई है। यह हादसा शनिवार देर रात उस समय हुआ जब ईशान मेहरा अपनी मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे। इस दुर्घटना में उनके साथ बाइक पर सवार उनकी एक महिला मित्र भी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
हादसे का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय में तैनात डिप्टी एसपी ईशान मेहरा शनिवार की देर रात अपनी बाइक पर सवार होकर बाजपुर की ओर जा रहे थे। जब उनकी मोटरसाइकिल मुरादाबाद के थाना कटघर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मार्ग पर पहुंची, तभी उनकी बाइक अचानक अपने आगे चल रहे एक कंटेनर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और ईशान मेहरा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डिप्टी एसपी को संभलने का कोई मौका नहीं मिला।
पुलिस की कार्रवाई और राहत कार्य
सड़क पर हुई इस जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर जमा हो गए, जिन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कटघर थाना पुलिस की टीम बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले घायल महिला को संभाला और उन्हें एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया। इसके बाद पुलिस ने ईशान मेहरा के पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जांच और शोक की लहर
इस दुखद घटना की जानकारी मृतक अधिकारी के परिजनों और दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय को दे दी गई है। ईशान मेहरा मूल रूप से पंजाब के मोहाली के निवासी थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और आगे चल रहे वाहन द्वारा अचानक ब्रेक लगाना हो सकती है। हालांकि, मुरादाबाद पुलिस मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और एनआईए के एक होनहार अधिकारी का इस तरह चले जाना विभाग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।