Weather Update: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के आसार; दक्षिण में बारिश का अलर्ट
Weather Update - उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के आसार; दक्षिण में बारिश का अलर्ट
पूरा उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है, जहां विभिन्न राज्यों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक, भीषण ठंड ने निवासियों को घरों। में रहने पर मजबूर कर दिया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई उत्तरी राज्यों में संभावित बर्फबारी और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में महत्वपूर्ण बारिश के लिए अलर्ट जारी किया है, जो व्यापक शीतकालीन मौसम पैटर्न के प्रभाव को दर्शाता है।
दिल्ली-एनसीआर: भीषण ठंड और हवा की गुणवत्ता में सुधार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली-एनसीआर, में नए साल की शुरुआत के साथ ही ठंड में काफी वृद्धि देखी गई है। तेज हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं, जिससे बाहर की गतिविधियां चुनौतीपूर्ण हो गई हैं। हालांकि, इन तेज हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार करके एक सकारात्मक पहलू भी प्रस्तुत किया है, जिससे प्रदूषण संबंधी चिंताओं से थोड़ी राहत मिली है। फिर भी, मौसम विभाग ने तापमान में और गिरावट आने की आशंका जताई है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में भीषण ठंड बनी रहेगी और संभवतः और तेज होगी। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे गर्म रहें और आवश्यक सावधानी बरतें क्योंकि ठंड का प्रकोप जारी रहने की उम्मीद है।पहाड़ी राज्य: बर्फबारी और पाले की चेतावनी
उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य भी कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उत्तर प्रदेश में, अधिकांश जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है और यात्रियों के लिए चुनौतियां पैदा हो गई हैं। आईएमडी ने विशेष रूप से सोमवार को कौशांबी, प्रयागराज, वाराणसी, संतरविदासनगर, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और सुल्तानपुर सहित कई जिलों में 'कोल्ड डे' का अलर्ट जारी किया। पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार। गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड की स्थिति से तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी। इसी तरह, बिहार में भी भीषण ठंड पड़ रही है, जिसके कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किए गए हैं, जिससे इसके निवासियों के लिए दैनिक जीवन कठिन हो गया है और लोगों को ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
उत्तर में, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्य भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जूझ रहे हैं, जिसके कारण दिन के समय भी दृश्यता कम हो गई है। उत्तराखंड में 6 जनवरी को बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे इसके परिदृश्य शीतकालीन वंडरलैंड में बदल सकते हैं और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इलाकों में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की आशंका है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में भी बर्फ पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कई जगहों पर पाला पड़ने की आशंका जताई है, खासकर पहाड़ी इलाकों में और यह पाला कृषि फसलों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करता है, जिससे इन पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों की आजीविका को काफी नुकसान हो सकता है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है।दक्षिण भारत: भारी बारिश के लिए तैयार
जहां उत्तर भारत ठंड से कांप रहा है, वहीं देश के दक्षिणी हिस्से एक अलग तरह की मौसमी घटना का अनुभव कर रहे हैं - भारी बारिश। केरल में पहले से ही कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश शुरू हो गई है और आईएमडी ने केरल में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे स्थानीय बाढ़ और व्यवधान हो सकते हैं। कर्नाटक में भी अच्छी बारिश हो रही है, जिसमें अगले दो दिनों तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने की सूचना है। इसके अतिरिक्त, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में अगले 2 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे इन तटीय और द्वीप क्षेत्रों में संभावित मौसम संबंधी चुनौतियों के लिए तैयारी की आवश्यकता है।व्यापक मौसम प्रभाव और तैयारी
भारत भर में विविध मौसम पैटर्न चल रहे शीतकालीन मौसम के महत्वपूर्ण प्रभाव को उजागर करते हैं। उत्तर में भीषण ठंड और संभावित बर्फबारी से लेकर दक्षिण में भारी बारिश तक, विभिन्न क्षेत्र विशिष्ट मौसम संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों और निवासियों दोनों को नवीनतम मौसम सलाहों से अपडेट रहने और इन प्रचलित मौसम स्थितियों के कारण होने वाले व्यवधानों को कम करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।