उत्तर कोरिया ने रूस को दी शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलें, यूक्रेन ने लगाया गंभीर आरोप

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
उत्तर कोरिया ने रूस को दी शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलें, यूक्रेन ने लगाया गंभीर आरोप
विज्ञापन

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई वर्षों से जारी भीषण युद्ध में अब उत्तर कोरिया की आधिकारिक एंट्री हो गई है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बैलिस्टिक मिसाइलों की एक बड़ी खेप भेजी है, जिसके बाद यूक्रेन ने रूस और उत्तर कोरिया के गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटनाक्रम पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है और जेलेंस्की का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों के और अधिक मजबूत होने का एक स्पष्ट संकेत है, जो युद्ध की स्थिति को और अधिक जटिल बना सकता है।

मिसाइल तैनाती और तकनीकी विवरण

यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी जिसे एचयूआर (HUR) के नाम से जाना जाता है, उसने इस तैनाती के संबंध में विस्तृत आंकड़े साझा किए हैं। एजेंसी के अनुसार, इस सैन्य सहायता में लगभग 90 उत्तर कोरियाई कर्मी शामिल हैं जो मिसाइल संचालन में विशेषज्ञ हैं। इसके साथ ही 6 मिसाइल लॉन्चर और कुल 120 बैलिस्टिक मिसाइलें रूस को उपलब्ध कराई गई हैं। इस खेप में 40 नई आपूर्ति की गई केएन-23 और केएन-24 मिसाइलें भी शामिल हैं। इन मिसाइलों की मौजूदगी ने यूक्रेन की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

यूक्रेनी सेना के अधिकारियों ने इन मिसाइलों की क्षमताओं का विश्लेषण करते हुए बताया है कि केएन-23 और केएन-24 मिसाइलों की मारक क्षमता यानी रेंज रूस की अपनी इस्कंदर मिसाइलों की तुलना में कहीं अधिक है। इसके अलावा, इन मिसाइलों में बड़े वॉरहेड लगे होते हैं जो अधिक तबाही मचाने में सक्षम हैं। हालांकि, एक बड़ी समस्या इनकी सटीकता को लेकर है। रिपोर्टों के अनुसार, इन मिसाइलों की सटीकता काफी कम है, जिसके कारण कई हमलों में सैन्य ठिकानों के बजाय आम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है। यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब रूस यूक्रेन पर अपने मिसाइल हमले लगातार तेज कर रहा है।

यूक्रेन की रक्षा चुनौतियां

यूक्रेन ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि अमेरिका में बनी पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक कम होने के कारण उसकी रक्षा क्षमताएं प्रभावित हो रही हैं। बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन के पास संसाधनों की कमी हो रही है, जिससे रूसी हमलों का मुकाबला करना कठिन होता जा रहा है। उत्तर कोरियाई मिसाइलों की बढ़ी हुई रेंज और मारक क्षमता ने यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों पर दबाव और अधिक बढ़ा दिया है।

रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी

उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइलों की यह तैनाती मॉस्को और प्योंगयांग के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का एक बड़ा प्रमाण है। यह सहयोग फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए बड़े हमले के बाद से लगातार बढ़ता जा रहा है। जून 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्योंगयांग यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते की शर्तों के अनुसार, यदि दोनों में से किसी भी देश पर सशस्त्र हमला होता है, तो वे एक-दूसरे को तत्काल सैन्य और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गोला-बारूद की विशाल आपूर्ति

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उत्तर कोरिया ने वर्ष 2024 में फरवरी महीने तक रूस को गोला-बारूद से भरे लगभग 6700 कंटेनर भेजे थे। इन कंटेनरों में 30 लाख से ज्यादा 152 मिमी आर्टिलरी शेल और लगभग 5 लाख 122 मिमी राउंड शामिल थे। अप्रैल 2025 में प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि उत्तर कोरिया का सैन्य समर्थन और भी अधिक बढ़ गया है। सितंबर 2023 से मार्च 2025 के बीच चार रूसी मालवाहक जहाजों ने उत्तर कोरिया और रूस के बीच कुल 64 यात्राएं कीं, जिनके माध्यम से अनुमानित 40 लाख से 60 लाख आर्टिलरी शेल रूस पहुंचाए गए।

सैनिकों की तैनाती की पुष्टि

अप्रैल 2025 में उत्तर कोरिया ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि उसने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि के तहत रूसी सेना के साथ मिलकर युद्ध लड़ने के लिए अपने सैनिक तैनात किए हैं। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने स्वयं इस तैनाती को मंजूरी दी थी। रिपोर्टों में बताया गया है कि उत्तर कोरियाई सैनिकों ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में सैन्य अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है और रूस ने भी युद्ध के मैदान में उत्तर कोरियाई सैनिकों की भागीदारी की सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है, जो इस युद्ध में एक नए अंतरराष्ट्रीय आयाम को दर्शाता है।

विज्ञापन