नई दिल्ली। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, IRCTC में OFS के जरिए हिस्सा बेचा जाएगा। इसके लिए विनिवेश विभाग ने बोलियां मंगाई है। क्या होता है ओएफएस- ओएफएस को ऑफर फॉर सेल कहते है। शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी को कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करते है। सेबी के नियमों के मुताबिक जो भी कंपनी ओएफएस जारी करना चाहती है, उसे इश्यू के दो दिन पहले इसकी सूचना सेबी के साथ-साथ एनएसई और बीएसई को देनी होती है।
#AwaazExclusive | IRCTC में OFS के जरिए हिस्सा बेचेगी सरकार, विनिवेश विभाग ने बोली मंगाई | पूरी खबर बता रहे हैं @RoyLakshman pic.twitter.com/syiA7hSWok
— CNBC-AWAAZ (@CNBC_Awaaz) August 19, 2020
इसके बाद इन्वेस्टर्स एक्सचेंज को जानकारी देकर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। इन्वेस्टर्स किस कीमत पर शेयर खरीदना चाहते हैं उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होती है।
इन्वेस्टर अपनी बोली दाखिल करता है। उसके बाद कुल बोलियों के प्रस्तावों की गणना की जाती है और इससे पता चलता है कि इश्यू कितना सब्सक्राइब हुआ है। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर स्टॉक्स का अलॉटमेंट होता है।