ओम पावर ट्रांसमिशन का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 9 अप्रैल, 2025 को निवेश के लिए खुलने जा रहा है। 06 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹166 से ₹175 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। इस मुख्य बोर्ड (Mainboard) आईपीओ के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 13 अप्रैल, 2025 को समाप्त होगी।
आईपीओ की संरचना और महत्वपूर्ण तिथियां
56 करोड़ मूल्य के 76 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। 50 करोड़ मूल्य के 10 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। निवेशक न्यूनतम 85 शेयरों के लॉट साइज के लिए आवेदन कर सकते हैं। सदस्यता अवधि समाप्त होने के बाद, शेयरों के आवंटन को 15 अप्रैल, 2025 को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 17 अप्रैल, 2025 को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर प्रस्तावित है।
कंपनी का प्रोफाइल और मुख्य व्यवसाय
ओम पावर ट्रांसमिशन एक पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह कंपनी हाई-वोल्टेज और एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों, सबस्टेशनों और अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजनाओं के कार्यान्वयन में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी इन परियोजनाओं को टर्नकी आधार पर पूरा करती है, जिसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग, आपूर्ति, इरेक्शन, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल हैं और इसके अलावा, कंपनी संचालन और रखरखाव (O&M) सेवाएं भी प्रदान करती है। कल्पेश धनजीभाई पटेल, कनुभाई पटेल और वसंतकुमार नारायणभाई पटेल कंपनी के प्रमोटर हैं।
वित्तीय प्रदर्शन और ऋण की स्थिति
50 करोड़ रही। 37 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। 65 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹22 करोड़ रहा। 47 करोड़ की उधारी दर्ज की गई थी।
आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग
नए शेयरों के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मशीनरी और उपकरणों की खरीद में करेगी। इसके अलावा, प्राप्त राशि का एक हिस्सा मौजूदा ऋणों के पूर्ण या आंशिक पुनर्भुगतान के लिए आवंटित किया गया है। शेष राशि का उपयोग लंबी अवधि की कार्यशील पूंजी (Working Capital) की आवश्यकताओं को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
लीड मैनेजर और निवेशकों के लिए आरक्षण
बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस सार्वजनिक निर्गम के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MUFG Intime India Private Limited) को इस इश्यू के लिए रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। आईपीओ के तहत 50 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए और शेष 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है।