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मानसून: सावन के अंतिम सोमवार को जयपुर में बारिश से सड़कें दरिया बनीं

मानसून: सावन के अंतिम सोमवार को जयपुर में बारिश से सड़कें दरिया बनीं
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सावन के अंतिम सोमवार को मानसून जयपुर, दौसा, भरतपुर सहित आस-पास के इलाकों में जमकर बरसा। जयपुर और दौसा जिले में कुछ स्थानों पर सालों बाद बरसात का ऐसा नजारा देखने को मिला। जयपुर शहर में हुई तेज बारिश के दौरान सड़कें नदियां बन गईं।

जयपुर में शहरवासियों की नींद बरसात की तेज आवाज से खुली। सुबह पांच बजे शुरू हुई बरसात सुबह सात बजे तक जारी रही। शहर के सीकर रोड पर लबालब पानी भर गया। यहां करीब 200 फीट पानी भर गया। शहर के सुभाष चौक इलाके में मोहल्ला पन्नीगरान में तो लड़कों ने बोट तक चला दी।


जयपुर के बाहरी इलाकों मानसरोवर, सांगानेर, मालवीयनगर तथा चौमूं, कालाडेरा सहित ग्रामीण इलाकों में भी जोरदार बरसात हुई। प्रदेश में 24 मई को राजस्थान में प्रवेश के साथ ही मानसून कमजोर बना हुआ है। प्रदेश में इस सीजन 10 जुलाई तक 26 प्रतिशत कम बरसात हुई है।

दौसा जिले के पापड़दा में सालों बाद देखा ऐसा नजारा
दौसा जिले के पापड़दा में सुबह 4 बजे बाद आई बारिश 7 बजे तक जारी रही। लगभग तीन घंटे बरसे पानी ने लोगों को हिला दिया। बारिश से जगह जगह रास्ते अवरूद्ध हो गए। तेज बारिश से खेत जलमग्न होकर मेड टूटने से फसलों को कटाव लग गया। और फसलें पानी में डूब गईं।

रामकेश हापावास ने बताया कि अरावली वन क्षेत्र के कालेडी बैडाखों, जौंण, थूमडी, जौंण, लाहडीवाला के पहाड़ी नालों में सालों बाद ऐसा पानी बहता देखने को मिला। बारिश से बैडाखों स्कूल के समीप रास्ता पहाड़ी पत्थरों के बहाव में आने से अवरुद्ध हो गया। नाले में पांच घंटे तक 6 फीट उंचाई व 80 फीट लम्बाई पानी की भारी आवक रही। वहीं कोलूखोरा के समीप पानी भरने से कालेडी बैडाखों गांव में जाने का सम्पर्क टूट गया। तीन जगह डामर सडक टूट गई। इसी तरह जौंण किला व थूमडी गांव के पहाडी नालों से बहकर कालाखों बांध में पहुंचने वाले पानी की पहाडी नदी भी कई घंटो तक बही। थूमडी के खट्यारा, बैडाखों, कालेडी, जौंण शीतलामाता मंदिर, लाहडीवाला, भगवामाता, पपलाजमाता माता मार्ग आदि के एनिकटों पर चार घंटे तक चादर चली।

बयाना आौर वैर में बरसे बादल
भरतपुर के बयाना में सोमवार दोपहर 9 और वैर में 19 एमएम बरसात रिकार्ड की गई। भरतपुर शहर में बीती रात को बरसात हुई। सुबह 8 बजे तक भरतपुर में 16, कुम्हेर में 22, नदबई में 36, डीग में 2, नगर में 18, सीकरी में 20, कामां में 37, बयाना में 11, वैर में 23, भुसावर में 27 और उच्चैन में 42 एमएम बरसात हुई है।

आगे क्या

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी, टोंक, जयपुर तथा सवाईमाधोपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी बरसात हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में कहीं कोई चेतावनी नहीं है। आगामी सात तारीख तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बरसात हो सकती है।

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