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Chat GPT की याददाश्त हुई और भी तेज, ओपनएआई ने पेश किया ड्रीमिंग मेमोरी सिस्टम

Chat GPT की याददाश्त हुई और भी तेज, ओपनएआई ने पेश किया ड्रीमिंग मेमोरी सिस्टम
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ओपनएआई ने चैटजीपीटी की याददाश्त और उसकी कार्यक्षमता को पहले से कहीं अधिक स्मार्ट और व्यक्तिगत बनाने के लिए एक क्रांतिकारी अपडेट की घोषणा की है। कंपनी ने ड्रीमिंग नाम का एक नया मेमोरी आर्किटेक्चर पेश किया है, जो एआई को पुरानी बातचीत, यूजर की विशिष्ट पसंद और चल रहे प्रोजेक्ट्स के संदर्भों को बेहतर तरीके से याद रखने में सक्षम बनाता है और इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य यूजर्स के अनुभव को और अधिक सहज बनाना है ताकि उन्हें बार-बार एक ही जानकारी या निर्देश देने की आवश्यकता न पड़े। ओपनएआई का दावा है कि यह नया सिस्टम न केवल जानकारी को याद रखने में अधिक सटीक है, बल्कि यह पुराने और अप्रासंगिक डेटा को भी बहुत ही कुशलता से संभालने और अपडेट करने में सक्षम है।

क्या है ड्रीमिंग आर्किटेक्चर और यह कैसे काम करता है?

ओपनएआई के अनुसार, ड्रीमिंग एक उन्नत मेमोरी आर्किटेक्चर है जो बैकग्राउंड में निरंतर काम करता रहता है। यह सिस्टम पिछली बातचीत से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों को व्यवस्थित और अपडेट करता है ताकि भविष्य के संवादों में उनका सही उपयोग किया जा सके। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि चैटजीपीटी अब यह बेहतर तरीके से समझ पाएगा कि कौन सी जानकारी लंबे समय तक याद रखनी है और किसे हटा देना है और यह फीचर पिछले दो वर्षों के दौरान विकसित किए गए विभिन्न मेमोरी फीचर्स का एक अत्यंत उन्नत संस्करण है। वर्तमान में, इस सुविधा को अमेरिका में चैटजीपीटी प्लस और प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए रोल आउट किया जा रहा है, और आने वाले कुछ हफ्तों में इसे दुनिया के अन्य हिस्सों और फ्री यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मेमोरी, पसंद और संदर्भ पर विशेष ध्यान

ओपनएआई ने स्पष्ट किया है कि नया ड्रीमिंग सिस्टम मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में सुधार लाता है। पहला क्षेत्र पुरानी बातचीत से उपयोगी और तथ्यात्मक जानकारी को याद रखना है। दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र यूजर की व्यक्तिगत पसंद और प्राथमिकताओं को लगातार लागू करना है, जिससे एआई का व्यवहार यूजर की जरूरतों के अनुरूप बना रहे। तीसरा क्षेत्र समय के साथ बदलती परिस्थितियों के अनुसार मेमोरी को अपडेट रखना है। इसका मतलब है कि यदि किसी प्रोजेक्ट की स्थिति बदलती है, तो चैटजीपीटी उस बदलाव को समझकर अपनी याददाश्त को तदनुसार अपडेट कर लेगा। यह गतिशील दृष्टिकोण चैटजीपीटी को एक साधारण चैटबॉट से बदलकर एक वास्तविक व्यक्तिगत एआई असिस्टेंट के रूप में स्थापित करता है, जो कोडिंग से लेकर रचनात्मक लेखन तक हर काम में सहायक है।

बेंचमार्क और प्रदर्शन के आंकड़े

कंपनी द्वारा साझा किए गए आंतरिक बेंचमार्क डेटा से पता चलता है कि ड्रीमिंग आर्किटेक्चर के आने से चैटजीपीटी के प्रदर्शन में भारी उछाल आया है। फैक्टुअल रिकॉल स्कोर, जो तथ्यों को याद रखने की क्षमता को दर्शाता है, वह 67 दशमलव 9 प्रतिशत से बढ़कर अब 82 दशमलव 8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इसी तरह, यूजर की पसंद और निर्देशों का पालन करने की क्षमता में भी बड़ा सुधार देखा गया है, जो पहले 55 दशमलव 3 प्रतिशत थी और अब बढ़कर 71 दशमलव 3 प्रतिशत हो गई है। समय आधारित मेमोरी टास्क, जिनमें घटनाओं के क्रम को याद रखना शामिल होता है, उनमें भी प्रदर्शन 52 दशमलव 2 प्रतिशत से बढ़कर 75 दशमलव 1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ये आंकड़े साबित करते हैं कि चैटजीपीटी अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करने में सक्षम है।

यूजर्स के लिए मेमोरी कंट्रोल और पारदर्शिता

इस अपडेट के साथ ओपनएआई पारदर्शिता और यूजर कंट्रोल पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। कंपनी एक नया मेमोरी समरी पेज पेश कर रही है, जहां यूजर्स यह देख सकेंगे कि चैटजीपीटी ने उनके बारे में और उनकी पसंद के बारे में क्या-क्या सीखा है। इस पेज के माध्यम से यूजर्स किसी भी जानकारी को संपादित कर सकते हैं, उसे हटा सकते हैं या भविष्य के लिए नई चीजें याद रखने का निर्देश दे सकते हैं। ओपनएआई का यह भी कहना है कि ड्रीमिंग सिस्टम को चलाने के लिए पहले की तुलना में कम कंप्यूटिंग संसाधनों की आवश्यकता होती है, जिससे यह अधिक कुशल बन जाता है। इस दक्षता के कारण ही कंपनी प्लस और प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए मेमोरी की सीमा बढ़ाने और इसे अधिक लोगों तक पहुंचाने में सफल हो रही है। यह कदम एआई को अधिक व्यक्तिगत और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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