ओर्कला इंडिया लिमिटेड, जो भारतीय घरों में MTR फूड्स और ईस्टर्न कंडीमेंट्स जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के लिए जानी जाती है, जल्द ही अपना प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लाने जा रही है और यह IPO 29 अक्टूबर को खुलेगा और 31 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद कंपनी के शेयर 6 नवंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है। इस IPO का कुल आकार 1,667. 54 करोड़ रुपये है और इसके लिए प्रति शेयर 695-730 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। हालांकि, इस सार्वजनिक पेशकश से पहले, कंपनी के डिविडेंड वितरण को लेकर कुछ सवाल उठ। रहे हैं, खासकर वित्तीय वर्ष 2025 में विदेशी प्रमोटर को किए गए बड़े भुगतान को लेकर।
लाभांश भुगतान पर विवाद
ओर्कला इंडिया लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025 में पहली बार डिविडेंड की घोषणा की, जिसमें। प्रति 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 438 रुपये का भारी डिविडेंड दिया गया। कुल मिलाकर, कंपनी ने 600. 01 करोड़ रुपये का डिविडेंड भुगतान किया और इस भुगतान का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 540 करोड़ रुपये, ओर्कला इंडिया की विदेशी प्रमोटर, ओर्कला एशिया पैसिफिक पीटीई को मिला। यह इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि ओर्कला एशिया पैसिफिक के पास ओर्कला इंडिया में 90 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और कंपनी के बाकी दो प्रमोटरों, नवस मीरान और फिरोज मीरान, जिनकी 5-5 प्रतिशत हिस्सेदारी है, उन्हें 30-30 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला। यह डिविडेंड राशि कंपनी के शुद्ध मुनाफे से काफी अधिक है; वित्त वर्ष 2025 में ओर्कला इंडिया का शुद्ध मुनाफा 255. 69 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 226. 33 करोड़ रुपये था। इस तरह, कंपनी ने अपने मुनाफे से लगभग दोगुना डिविडेंड बांटा है, जिसने IPO से पहले निवेशकों के बीच चर्चा छेड़ दी है।
ओर्कला इंडिया का व्यवसाय और बाजार उपस्थिति
ओर्कला इंडिया, नॉर्वे की प्रतिष्ठित औद्योगिक निवेश कंपनी Orkla ASA का भारतीय कारोबार है। ओर्कला एशिया पैसिफिक, Orkla ASA की क्षेत्रीय इकाई है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कंपनी के परिचालन को संभालती है और भारत में, ओर्कला इंडिया मसालों, रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में लगभग 400 आइटम शामिल हैं, जिनमें करी पाउडर, इंस्टेंट मिक्स, और स्नैक्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। इसकी कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दक्षिणी भारतीय राज्यों में मजबूत बाजार उपस्थिति। है, जो इसे भारतीय FMCG (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है।
वित्तीय प्रदर्शन पर एक नजर
हाल ही में समाप्त हुई जून तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में ओर्कला इंडिया ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 9. 8 प्रतिशत बढ़कर 78. 9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 71 और 9 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी का राजस्व भी 6 प्रतिशत बढ़कर. 597 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2024 तिमाही में 563. 5 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि कंपनी के उत्पादों की बढ़ती मांग और बाजार में इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है। लिस्टेड कंपनियों में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में से एक है।
IPO की संरचना और प्रमुख तिथियां
ओर्कला इंडिया का IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें 2. 28 करोड़ शेयरों की पेशकश की जाएगी। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने कुछ शेयर बेचेंगे। IPO के लिए मूल्य बैंड 695-730 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है, और निवेशक 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद, 6 नवंबर को शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर होने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी के मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो के साथ-साथ लाभांश भुगतान से संबंधित पहलुओं का उनके निवेश निर्णयों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय बाजार इस IPO और इससे जुड़ी डिविडेंड संबंधी चिंताओं पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। कंपनी का उद्देश्य इस IPO के माध्यम से अपनी पहुंच और बाजार हिस्सेदारी को और मजबूत करना है।