मुरादाबाद में ओवैसी का बड़ा हमला: सपा और बीजेपी को घेरा, कहा अब दूसरों के लिए दरी नहीं बिछाएंगे

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मुरादाबाद में ओवैसी का बड़ा हमला: सपा और बीजेपी को घेरा, कहा अब दूसरों के लिए दरी नहीं बिछाएंगे
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एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज और आम जनता से एक नया सियासी विकल्प चुनने की पुरजोर अपील की और उन्होंने कहा कि अब तक मुसलमानों ने मजबूरी में दूसरी पार्टियों को वोट दिया है, लेकिन आने वाले विधानसभा चुनावों में अब मजबूरी नहीं, बल्कि बहादुरी के नाम पर पतंग के निशान पर वोट पड़ेगा। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब समाज को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनानी होगी।

अब दरी बिछाने की राजनीति का अंत

ओवैसी ने मंच से दहाड़ते हुए कहा कि हम अब दूसरों के लिए दरी नहीं बिछाएंगे, बल्कि अपने वोटों और दुआओं से अपनी खुद की सियासी लीडरशिप पैदा करेंगे और जनसभा में आई भारी भीड़ का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद लोगों की इतनी बड़ी मौजूदगी इस बात का पैगाम है कि यूपी की अवाम ने अब फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि अब हम दूसरों के लिए केवल दरी बिछाने वाले कार्यकर्ता बनकर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने वोट की ताकत से अपनी खुद की लीडरशिप को मजबूत करेंगे।

जौहर यूनिवर्सिटी और अखिलेश यादव पर सवाल

अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर उनकी मंशा पर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने पूछा कि 2017 तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 1973 के कानून के तहत जौहर यूनिवर्सिटी को रेगुलराइज़ क्यों नहीं किया? उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी की मुनाफकत और चुनाव के समय वोट हासिल करने का एक सफेद झूठ करार दिया और ओवैसी ने बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने अपने सांसदों को ओवैसी के खिलाफ प्रचार में लगाया था, लेकिन सीमांचल की अवाम ने उनके पैगाम को ठुकरा कर अपनी खुद की मजलिस लीडरशिप को कामयाब बनाया।

2029 में युवाओं के हाथ में हो देश की बागडोर

ओवैसी ने देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी का जिक्र करते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम आने वाले यूपी चुनाव में युवाओं को उम्मीदवार बनाएगी। उन्होंने आह्वान किया कि लड़ाई भविष्य की है और 2029 में देश की कमान युवाओं के हाथ में होनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि 2029 में कोई 80 साल का व्यक्ति नहीं, बल्कि 35-45 साल का नौजवान देश का नेतृत्व करे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे संविधान द्वारा दी गई राजनीतिक आज़ादी का इस्तेमाल करें और अपनी तकदीर खुद लिखें।

हिंसा और पैलेट गन के इस्तेमाल की निंदा

ओवैसी ने जबलपुर के छात्र शेख इरशाद मंसूरी समेत अन्य लोगों पर 12 बोर पैलेट गन चलाए जाने की सख्त शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर गोलियां चलाई गईं और उन्होंने पैलेट गन का आदेश देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ओवैसी ने 2016-2019 के दौरान कश्मीर में पैलेट गन से 140 लोगों के अंधे होने और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में सीएए विरोध के दौरान छात्रों व बेटियों पर हुए पुलिसिया ज़ुल्म को याद दिलाते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।

सियासी पहचान और संवैधानिक हक

विरोधियों द्वारा लगाए जाने वाले जज़्बाती भाषण के आरोपों का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान की तमहीद और डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स हर अल्पसंख्यक को अपनी सियासी लीडरशिप बनाने का पूरा हक देते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सड़कों पर उतरने के बजाय अपनी जान-माल की हिफाजत करें और एकजुट होकर खड़े हों। उन्होंने कहा कि जब जनता और किसान एकजुट होते हैं तो सरकार को झुकना पड़ता है। ओवैसी ने जज्बाती अंदाज में कहा कि हम सिर्फ मरने के बाद जनाजों पर पुरसा लेने के लिए नहीं हैं, बल्कि हम अपने हक, आने वाली नस्लों, इबादतगाहों, मदरसों और बेटियों की तालीम के लिए जिंदा रहेंगे और नाइंसाफी के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे और उन्होंने अंत में इलेक्शन के दिन पूरी ताकत से निकलकर पतंग का बटन दबाने की अपील की।

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