कंगाली के बीच पाकिस्तान को कनाडा से मिली 47 मिलियन डॉलर की मदद

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कंगाली के बीच पाकिस्तान को कनाडा से मिली 47 मिलियन डॉलर की मदद
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आर्थिक कंगाली और विदेशी मुद्रा भंडार की भारी कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर मदद की गुहार लगाई है और इस बार पाकिस्तान को कनाडा से 47 मिलियन डॉलर की बड़ी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। यह मदद कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की पाकिस्तान यात्रा के दौरान घोषित की गई। पिछले 2 दशकों में यह किसी कनाडाई विदेश मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा है, जिसका शहबाज शरीफ सरकार ने अपनी बदहाली का हवाला देकर पूरा लाभ उठाया। पाकिस्तान की हालत इस समय ऐसी हो गई है कि वह अपनी अर्थव्यवस्था को वेंटिलेटर पर बनाए रखने के लिए दुनिया भर में हाथ फैला रहा है।

दो दशकों बाद कनाडाई विदेश मंत्री का दौरा

कनाडा की भारतीय मूल की विदेश मंत्री अनीता आनंद की यह यात्रा कूटनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण रही। पाकिस्तान की तंगहाल आर्थिक स्थिति को देखते हुए कनाडा ने सुरक्षा और विकास परियोजनाओं के नाम पर 47 मिलियन डॉलर यानी 4,53,75,46,850 रुपये के नए सहायता पैकेज का ऐलान किया है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है और वह अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार पश्चिमी देशों के सामने गिड़गिड़ा रहा है। सुपर पावर अमेरिका के बाद अब पाकिस्तान ने कनाडाई खजाने से भी बड़ी रकम ऐंठने में कामयाबी हासिल की है।

आतंकवाद और आर्थिक बदहाली का दोहरा चेहरा

आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान की तंगहाल आर्थिक स्थिति अब किसी से छिपी नहीं है। कंगाली के दलदल में फंसे इस मुल्क की फितरत एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गई है। एक तरफ पाकिस्तान आंतरिक बगावत और बलूचिस्तान के विद्रोह से त्रस्त है, तो दूसरी तरफ वह अपनी ही जमीन पर पल रहे आतंकवाद के कारण अस्थिरता का सामना कर रहा है और इन सबके बावजूद, पाकिस्तान का नेतृत्व विदेशी ताकतों के सामने कटोरा लेकर खड़ा है। कनाडा से मिली यह 47 मिलियन डॉलर की मदद पाकिस्तान के लिए डूबते को तिनके का सहारा जैसी है, जिसे उसने सुरक्षा और विकास के नाम पर हासिल किया है।

भारत के खिलाफ साजिश और सिंधु जल संधि का रोना

कनाडा की इस आर्थिक मेहरबानी के बदले पाकिस्तान ने अपने पुराने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के दौरान पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला। पड़ोसी मुल्क ने कनाडा के सामने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने का मुद्दा उठाया और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया और पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान घबराया हुआ है और अब वह कूटनीतिक मोर्चे पर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।

कश्मीर राग और सेना प्रमुख से गुप्त मंत्रणा

कनाडाई विदेश मंत्री के सामने पाकिस्तानी नेतृत्व ने एक बार फिर कश्मीर का पुराना और बेदम मुद्दा छेड़ा और इसका उद्देश्य भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक मोर्चेबंदी करना था। इसके अलावा, अनीता आनंद की रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिफ मुनीर से हुई मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मुलाकात दर्शाती है कि पाकिस्तान में आतंकवाद और कूटनीति का खेल किस दिशा में जा रहा है। एक तरफ पाकिस्तान अपनी जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल है और कर्ज के लिए दुनिया भर में हाथ फैला रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह भारत विरोधी प्रोपेगैंडा चलाने के लिए पैसा खर्च करने से बाज नहीं आ रहा है।

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